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शहीद दिवस पर भगत सिंह के साथ राजगुरू और सुखदेव को दी गई श्रद्धांजलि, क्रांतिकारियों के पदचिन्हों पर चलने का आह्वान

BY -
Ranchi Bureau
Ranchi Bureau
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 12, 2026, 3:02:18 PM

बोकारो (  BOKARO) - जिले के करगली गेट चौक पर आज शहीद ए आजम  भगत सिंह की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि दी गई. इस मौके पर बड़ी संख्या में विभिन्न राजनीतिक दल , समाजिक संस्था और सीसीएल के अधिकारी मौजूद थे. शहीद भगत सिंह  की प्रतिमा के बगल में ही शिवराम राजगुरू और सुखदेव की प्रतिमा का आज अनावरण किया गया. जिसे पूर्व सांसद रवींद्र पांडेय और सीसीएल करगली के जीएम एमके राव ने अनावरण किया. इस मौके पर  मानव सेवा माधव सेवा के संस्थापक गजेंद्र सिंह ,भाजपा के फुसरो नगर परिषद के अध्यक्ष राकेश सिंह उर्फ चुन्नू सिंह, भाजपा के विनोद महतो, कृष्ण कुमार, श्यामल कुमार सरकार, पत्रकार राकेश वर्मा सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी वक्ताओं ने इन अमर शहीदों के आदर्शों. मूल्यों, और  सिद्धांतों पर चलने का आह्वान किया.    
23 मार्च को ही भगत सिंह के साथ राजगुरू और सुखदेव को दी गई थी फांसी
आज शहीद दिवस है. 23 मार्च, 1931 की मध्यरात्रि को अंग्रेजी हुकूमत ने भारत मां के तीन सपूतों भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी पर लटका दिया था इन तीनों वीरों की शहादत को श्रद्धांजलि देने के लिए ही शहीद दिवस मनाया जाता है.
भगत सिंह के देश के प्रति प्रेम के जज्बे को देखकर देश के युवाओं को भी देश की आजादी के लिए लड़ने की प्रेरणा मिली. भगत सिंह ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्हें देखते हुए कई लोगों ने क्रांतिकारी मार्ग को अपनाया.  भगत सिंह का जन्म  28 सिंतबर 1907 में पंजाब के बंगा गांव में हुआ था. वे स्वतंत्रता सेनानी के परिवार में पले बढ़े और महज 23 साल की आयु में उन्हें फांसी दे दी गई. राजगुरु का जन्म 1908 में पुणे में हुआ था. वे हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी में भी शामिल हुए थे. सुखदेव का जन्म 15 मई 1907 में हुआ था. उन्होंने पंजाब और उत्तर भारत में क्रांतिकारी सभाएं की और लोगों के दिलों में जोश पैदा किया. लाला लाजपत राय की हत्या के बाद कारण भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, आजाद और कुछ अन्य लोगों ने आजादी के लिए संग्राम का मोर्चा संभाल लिया था. इसलिए बेरमो की जनता के आह्वान पर आज भगत सिंह की प्रतिमा के बगल में ही राजगुरू और सुखदेव की प्रतिमा का भी अनावरण किया गया.

 रिपोर्ट  -- प्रकाश कुमार, बेरमो, बोकारो

Tags:News

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