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हजारीबाग में एक अनोखा संकल्प : बात मानिए सरकार, वरना नहीं पहनूंगा जूता-चप्पल

BY -
Samiksha Singh
Samiksha Singh
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 12, 2026, 3:03:16 PM

हज़ारीबाग (HAZARIBAGH) : हजारीबाग में एक अनोखा संकल्प लिया गया. यहां एक शख्स ने अखाड़ा मंदिर परिसर में संकल्प लिया है कि सरकार रामनवमी का जुलूस निकालने की अनुमति दे, वरना वे नंगे पांव रहेंगे.

क्या है मामला

भाजपा पिछड़ा जाति मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष सह रामनवमी महासमिति के पूर्व अध्यक्ष अमरदीप यादव ने मंगलवार को  बड़ा अखाड़ा मंदिर परिसर में संकल्प लिया. उन्होंने कहा कि अब रामनवमी जुलूस की अनुमति मिलने के बाद ही जूता चप्पल पहनेंगे. जुलूस पर पाबंदी के विरोधस्वरूप नंगे पांव रहने का संकल्प लेने के बाद महंत विजयानंद दास ने अमरदीप यादव को पगड़ी पहनाकर आशीर्वाद दिया. अमरदीप ने कहा कि राज्य सरकार कोरोना गाइडलाइंस का हवाला देकर ऐतिहासिक राममवमी और सरहुल जुलूस पर रोक जारी रखी है जो एक पक्षपातपूर्ण निर्णय है. राज्य का सबसे बड़ा अस्पताल रिम्स समेत हज़ारीबाग़ कोरोनामुक्त हो चुका है. सभी पाबंदियां हटाई जा चुकी है तो रामनवमी जुलूस पर रोक समझ से परे है.सरकार के ढुलमुल रवैया के कारण जिला प्रशासन और अखाड़ेधारियों के बीच दूरी बन रही है. इसलिए लोकतांत्रिक विरोध किया गया है.

इच्छा पूर्ति के लिए संघर्ष जारी रहेगा

ज्ञात हो कि अमरदीप विजय शंखनाद संस्था के अध्यक्ष भी हैं और संस्था द्वारा 28 फरवरी को उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भी दिया गया. 1 मार्च से अखाड़ों में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है. ये 2007 में महासमिति अध्यक्ष चुने गए थे और धार्मिक गीतों का कैसेट वितरित करके अश्लील गीतों पर रोक लगाने समेत कई कुरीतियों को हटाकर बदलाव लाए थे. इन्होंने 2009 में 7 दिनों में 100 किलोमीटर की शांति पदयात्रा निकालकर जुलूस को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाई थी. ये प्रत्येक वर्ष संरक्षक की भूमिका में सक्रिय रहते हैं. अमरदीप ने कहा कि रामनवमी प्रेमियों की इच्छा पूर्ति के लिए संघर्ष जारी रहेगा.

रिपोर्ट : राकेश कुमार, हजारीबाग

Tags:News

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