धनबाद (DHANBAD) : कोयलांचल पर होली का खुमार सिर चढ़कर बोल रहा है. बोले भी क्यों नहीं, दो साल बाद जो मनाने की छूट मिली है. जिस सड़क से गुजरिए रंग -अबीर लगाए लोग दिख जा रहे हैं. बाजारों में भीड़-भाड़ बढ़ गई है. शराब की दुकानों में लंबी -लंबी लाइने दिखने लगी है. अभी से ही लोग घर में स्टॉक करने में जुट गए हैं. बाजार अथवा सड़क किनारे रंग- पिचकारी की दुकानें सज गई है. जगह -जगह होली मिलन समारोह के आयोजन हो रहे है. लग रहा है जैसे हर आयोजक दूसरे से कंपटीशन कर रहे हैं. होली मिलन समारोह में बड़ी संख्या में भीड़ जुट रही है. दो साल बाद कोरोना ने लोगों को होली खेलने की आजादी दी है, जिसका लाभ उठाने में कोई पीछे नहीं दिख रहा है. खाने -पीने के सामानों की मीनू भी हर घर में अपनी औकात के अनुसार तैयार कर ली गई है, बहुत हद तक खरीदारी अभी हो गई है. महंगाई की मार झेलने के बावजूद लोग इस बार होली मनाने में कोई कसर छोड़ना नहीं चाहते हैं. कोलियरी इलाकों में उत्साह देखने ही लायक है.
शांतिपूर्वक होली के लिए प्रशासन की भी पूरी तैयारी
शांतिपूर्वक होली के लिए प्रशासन भी कमर कस ली है. रेलवे की ओर से भी कई होली स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है. लोगों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए रेलवे भी पूरी तैयारी कर रखी है. कोरोना काल में बंद हुई सुविधाओं को भी रेलवे ने लगभग शुरू कर दिया है. इसका भी असर हुआ है कि बाहर से घर आने वालों की संख्या बढ़ी है. बता दें कि बगैर किसी प्रतिबंध के 2 साल बाद 2022 में होली मनाई जाएगी. प्रशासन की ओर से सामान्य साउंड बॉक्स के उपयोग पर कोई रोक नहीं लगाई गई है. लेकिन डीजे और बड़े साउंड बॉक्स से गाना बजाने पर पाबंदी रहेगी. जबरन रंग लगाने वालों पर कार्रवाई होगी, किसी भी तरह कि कोई आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तैयारी कर रखी है.
ड्राई डे रहेगा होली का दिन,सड़क पर रहेगी पुलिस टीम
होली के दिन शराब पर पाबंदी रहेगी, प्रशासन ने घोषणा कर रखी है कि होली के दिन ड्राई डे रहेगा. बार, रेस्टोरेंट, ढाबा समेत अन्य जगहों पर शराब की बिक्री नहीं होगी. सोशल मीडिया पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी.
निगम और पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट भी बढ़ा रही है भीड़
होली मिलन कार्यक्रमों में भीड़ तो अमूमन रहती है लेकिन इस साल निगम और पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट के कारण इन कार्यक्रमों में पॉलिटिकल पुट प्रवेश कर गया है. संस्थाएं तो परंपरागत ढंग से होली मिलन समारोह कर रही हैं लेकिन नेता भी अपनी कद और काठी के साथ होली मिलन समारोह में शामिल हो रहे हैं और आयोजन कर भी रहे हैं. यह बात तो सच है कि किसी भी कार्यक्रम में आयोजक जरूर चाहते हैं कि शहर ,जिला या प्रदेश का dignitaries उनके कार्यक्रमों में शामिल हो. इससे कार्यक्रम की भव्यता बढ़ती है. कोयलांचल के होली मिलन समारोह में यह देखने को भी मिल रहा है. पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के बाद राजनीतिक गतिविधियां भी कुछ बढ़ी हुई है, खासकर भाजपा वाले ज्यादा उत्साहित हैं. वैसे निकाय और पंचायत चुनाव का असर भी होली के कार्यक्रमों पर साफ दिख रहा है और यह होली के बाद तक दिखेगा.
