रांची (RANCHI) : रांची के सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल मेडिका को बड़ा झटका लगा है. यहां का चेहरा माने जाने वाले डॉ संजय कुमार ने भी मेडिका का साथ छोड़ दिया है. डॉ संजय मेडिका के फाउंडर डायरेक्टर, वाइस प्रेसिडेंट, न्यूरो विभाग के हेड हैं. डा संजय के मेडिका छोड़ने के बाद यहां न्यूरो विभाग में इलाज का बड़ा संकट आ खड़ा हुआ है. अब कोई भी बड़ा नाम इस विभाग में नहीं रहा. डॉ संजय कुमार के बाद और भी कुछ डॉक्टरों के दो से छह दिन के भीतर जाने की बात कही जा रही है. बता दें कि एक के बाद एक नामचीन डॉक्टर मेडिका का साथ छोड़ते जा रहे हैं. जाने माने कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. दीपक गुप्ता, हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. अनुपम सिंह और डॉ अत्री ने भी इससे पहले सुपर स्पेशलिटी मेडिका अस्पताल से किनारा कर लिया था. इन डॉक्टरों ने प्रबंधन की किचकिच को मुख्य वजह बताई थी. बहरहाल डॉ संजय के मेडिका छोड़ने की वजह सामने नहीं आई है, पर सच्चाई यही है कि एक के बाद एक जाने माने डॉक्टर के जाने से अस्पताल की प्रतिष्ठा पर बट्टा लगा है .
कड़ी मेहनत और लग्न से अस्पताल को एक मुकाम तक पहुंचाया
बता दें कि झारखंड के सुदूर जिलों से ही नहीं, आसपास के दूसरे प्रांतों से भी मेडिका में इलाज के लिए लोग आते हैं. खासकर न्यूरो और कॉर्डियो से जुड़ी परेशानियों के लिए लोगों के लिए यह अस्पताल उम्मीद की तरह रहा है. ऐसे में जाने माने न्यूरो सर्जन डॉ संजय का अस्तपाल छोड़ना इसकी साख पर भी सवाल खड़े करता है. डॉक्टर संजय मेडिका के फाउंडर डायरेक्टर रहे हैं. उन्होंने कड़ी मेहनत और लग्न से अस्पताल को एक मुकाम तक पहुंचाया था.
आस पर सवाल
सूबे के सुदूर जिलों से ही नहीं, आसपास के दूसरे प्रांतों से भी मेडिका में इलाज के लिए लोग आते हैं और खासकर कॉर्डियो और न्यूरो से जुड़ी परेशानियों के लिए लोगों के लिए यह अस्पताल उम्मीद की तरह रहा है. बेशक इस उम्मीद की वजह भी डॉ संजय जैसे डॉक्टर ही रहे. ऐसे में इन डॉक्टरों का एक के बाद एक उन मरीजों की आस पर सवाल जरूर है जो जैसे तैसे पैसे का जुगाड़ कर अस्पताल तक पहुंचते हैं.
