देवघर (DEOGHAR) - देवघर और आसपास क्षेत्र के हस्तशिल्प कारीगरों की उत्पादन और उनके उत्पादों की बिक्री से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए एक अच्छी पहल की गई. भारत सरकार के टेक्सटाईल मंत्रालय के अधीन हस्तशिल्प विकास आयुक्त के स्तर से एक कार्यशाला सह सेमिनार का आयोजन किया गया. इसका उद्घाटन डीडीसी कुमार ताराचंद और विभागीय अधिकारी ने संयुक्त रूप से किया.
कार्यशाला के माध्यम से ऑनलाइन मार्केटिंग की दी गई जानकारी
हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए छोटे और खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत कारीगरों का उत्साह बढ़ाने के लिए इस कर्मक्राम का आयोजन किया गया. उनके बनाए समान को बाजार में उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस तरह की कार्यशाला आयोजित की गई. कारीगरों को कार्यशाला के माध्यम से ऑनलाइन मार्केटिंग, देवघर मार्ट, उद्यमिता, मुद्रा योजना, जी एस टी, भौगोलिक संकेतक (जी आई टैग)इत्यादि पर जानकारी दी गयी. वे कैसे इसके जरिये हस्तशिल्पी योजनाओं का लाभ ले उस पर भी विशेष फ़ोकस किया गया. कार्यशाला में देवघर, दुमका, जामताड़ा एवं गोड्डा के 44 हस्तशिल्पियों ने भाग लिया. मौके पर देवघर के उप विकास आयुक्त कुमार ताराचंद ने देवघर मार्ट से जोड़ कर ऐसे हस्तशिल्प कारीगरों द्वारा बनाए जा रहे उत्पाद को e मार्केट के जरिये लाभ दिलाने की बात कही. इसके अलावा सरकार के द्वारा हर संभव मदद करने की भी बात कही गयी. देवघर में कार्यरत वस्त्र मंत्रालय के हस्तशिल्प निदेशालय द्वारा ऐसे कारीगरों या ऐसे कारीगरों के समूह को सरकारी योजनाओं से इन्हें हर मदद पहुंचाने की बात कही गई. इस तरह के आयोजन से स्थानीय हस्तशिल्प कारीगर भी काफी खुश नज़र आए.
रिपोर्ट: रितुराज सिन्हा, देवघर