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दो साल बाद होली में सजा रंगों और पिचकारियों का बाजार, ग्राहक और दुकानदार के चेहरे पर लौटी मुस्कान

दो साल बाद होली में सजा रंगों और पिचकारियों का बाजार, ग्राहक और दुकानदार के चेहरे पर लौटी मुस्कान

धनबाद (DHANBAD) - जिले के बाजारों में इन दिनों होली त्यौहार को लेकर काफी रौनक देखा जा रहा है. एक ओर जहां दुकानदार उत्साहित हैं. वहीं ग्राहक भी पूरे परिवार के साथ होली की खरीदारी में जूटे हुए दिख रहे हैं. वैश्विक महामारी कोरोना के दो साल बाद बाजारों में होली की खरीदारी का रंग चढ़ गया है.

कलम, कारतूस और पिस्तौल बना रौनक

इस बार कलम, कारतूस और गन संग होली का रंग जमाने की तैयारी की है. यहां इस तरह की पिचकारियां आकर्षण का केंद्र हैं. सूखे मेवे और गिफ्ट पैक की खरीदारी के लिए जुट रही भीड़ से एक बार फिर व्यापारियों के चेहरों की मुस्कान लौट आई है.

2 वर्ष तक बाजार में गायब रहा रौनक

बीते दो साल में कोरोना महामारी की वजह से बाजार में होली को लेकर खरीदारी का रंग फीका था. दुकानदारों को काफी नुकसान उठाना पड़ा था. इस बार कोरोना संक्रमण कम होने की वजह से बंदिशों में ढील दी गई है. यहीं वजह है कि लोगों ने होली में जमकर गुलाल उड़ाने की तैयारी की है. बाजार में इन दिनों रंग-गुलाल, पिचकारी और गिफ्ट पैक की खरीदारी को लेकर अधिक संख्या में खरीदार पहुंच रहे हैं. इससे जहां दुकानदारों के जीवन में रंग भर गया है.

फुटपाथ दुकानदारों की जिंदगी लौटने लगी पटरी पर

रेहड़ी औऱ खोमचे वालों की जिंदगी भी पटरी पर लौट रही है. ऐसे में होली में बचे एक सप्ताह में बाजार को अधिक खरीदारी की उम्मीद है.

इस बार पिचकारी से होली खेलने के साथ सुन सकेंगे संगीत

बाजार में इन दिनों तरह-तरह की पिचकारियां हैं. इनमें कलम, गन और कारतूस के आकार की पिचकारियों की खूब मांग है. इस बार ऐसी पिचकारियां भी हैं, जिनसे होली खेलने के साथ गाना भी सुना जा सकेगा. साथ ही, बच्चों के मनोरंजन के लिए पिचकारियों में लाइट की भी व्यवस्था है. यहां प्लास्टिक से लेकर लोहे की पिचकारियों की भी मांग बनी हुई है. इनकी कीमत थोक के भाव में चार रुपये से 450 तक हैं, जिन्हें अलग-अलग छोटे बाजारों में अलग-अलग दामों पर बेचा जा रहा है.

चौक चौराहों पर सज गई गुलाल अबीर की दुकान

बाजार में इन दिनों प्रमुख चौराहों से लेकर संकरी गलियों में रंगों की दुकानें सज गई हैं. लाल, हरा, नारंगी, गुलाबी और काले रंग से बाजार रंगे हुए हैं. रंग-बिरंगे गुलाल थोक और खुदरा के भाव में खूब बिक रहे हैं. स्थानीय दुकानदार ने बताया कि 90 रुपये किलो के हिसाब से गुलाल बिक रहा है. रंग को लेकर भी अलग-अलग रेट तय हैं. रंगों में पांच रुपये की डिब्बी से लेकर 400 रुपये तक का छोटा सिलिंडर है. इनके अलावा विभिन्न रंगों में स्प्रे भी मौजूद हैं. थोक के भाव में इनके दाम 20 से 50 रुपये तक हैं.

आकर्षण का केंद्र बना गिफ्ट पैक

दुकानदारों ने बताया कि इस बार बाजार में नए तरह के गिफ्ट तैयार किए गए हैं. इनमें सूखे मेवे की माला, गुलाल के पैकेट, चंदन, होली के रंग, स्प्रे और गुबारे का पैक शामिल हैं. इनके दाम 300 रुपये से 1800 तक तय किया गया हैं. कुछ नया करने के लिए इस बार माला में कटोरी लगाकर उसमें मेवे को भरा गया है. इस तरह की आइटम बच्चों को अधिक लुभा रही है.

बाजारों में ग्राहकों की जुटी भीड़

दो साल बाद होली पर इस तरह की भीड़ देखने को मिल रही है. अच्छा कारोबार हो रहा है. बीते दो साल में हर त्योहार पर कोरोना का असर देखने को मिला है.

Published at:13 Mar 2022 01:04 PM (IST)
Tags:News
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