धनबाद (DHANBAD) : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज स्वाधीनता के अमृत महोत्सव के कार्यक्रम के तहत सिंदरी महाविद्यालय के सभागार में "आजादी के 75 वर्षों में नारी सशक्तिकरण की दिशा में प्रगति एवं वर्तमान चुनौतियां" शीर्षक एक परिचर्चा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता सिंदरी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.नकुल प्रसाद ने की. उन्होंने कहा कि नारी प्रत्येक क्षेत्र में चाहे वह घर हो, शिक्षा हो ,राजनीति हो, खेल हो, विज्ञान ,इत्यादि में पूर्णतः सक्षम है. कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग की प्राध्यापिका नीतू गौरव कुमार ने किया. नीतू कुमार गौरव ने नारी को देवी और सती के रूप में रखने के बजाय एक सामान्य नारी के रूप में पहचान बनाने की बात कही.
नारी आंदोलन समाजवाद और रुसी क्रांति की देन
बीज वक्तव्य में राजनीति विभाग से डॉक्टर डी.के सिंह ने बताया कि नारी आंदोलन समाजवाद और रुसी क्रांति की देन है. 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस क्यों मनाते हैं, इसकी विस्तृत जानकारी देते हुए पंचायतीराज व्यवस्था पर बल दिया. दर्शनशास्त्र विभाग से डॉ मनोज तिवारी ने संयुक्त परिवार में नारी की भूमिका के महत्व को बताया. कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया .
स्त्री और पुरुष रथ के दो पहिए हैं जो एक दूसरे के बिना अधूरे हैं
धन्यवाद ज्ञापन हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ विशु मेंघनानी ने किया और स्त्री और पुरुष को रथ के वे दो पहिए बताया जो एक दूसरे के बिना अधूरे हैं. दोनों के सहयोग से ही समाज का विकास संभव है.शिक्षकों में डॉ मनोज तिवारी, अनिल आशुतोष, ए. मल्लिक, डॉ शर्मिष्ठा आचार्या, डॉक्टर आर. पी. पी.सिंह डॉक्टर ममता कुमारी ,डॉ अनूप कुमार मेहता ,सुमिरन कुमार रजक , अर्चना सिंह इत्यादि मौजूद थे.कुल मिलाकर शिक्षकों और छात्र छात्राओं की मौजूदगी से उक्त कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. काय॔कॖम की शुरुआत सोनम कुमारी, शिवांगी मिश्रा, रिंकु कुमारी दृारा सरस्वती वंदना के गायन से हुई. परिचर्चा में अंजली कुमारी, किरण कुमारी,गोविन्द कुमार, रोशनी कुमारी,रुबी कुमारी, सिमरण, ऊषा कुमारी इत्यादि छात्र-छात्राओं भी अपने विचार रखे.
रिपोर्ट :सत्य भूषण, धनबाद
