जमशेदपुर(JAMSHEDPUR)- आखिरकार यूक्रेन में फंसी जमशेदपुर के छोटा गोविंदपुर की सृष्टि गर्ग वापस अपने घर पहुंच गई. घर पहुंचने पर मां और सबके आंसू छलक पड़े. दिल्ली से रांची और फिर रांची से जमशेदपुर अपने घर आने तक पिता कामेश्वर पांडेय उसके साथ थे. सृष्टि ने बताया कि रूस यूक्रेन युद्ध के माहौल से निकलकर अपने घर पहुंचना सपने जैसा है.
बंकर में छुपना पड़ा, भूखे प्यासे पैदल और गाड़ियों से 1400 किलोमीटर की यात्रा की
सृष्टि गर्ग ने बताया कि युद्ध छिड़ने के बाद बंकर में छिपना पड़ा, फिर एडवाईजरी कमेटी के निर्देश पर पोलैंड सीमा तक की 1400 किलोमीटर की यात्रा, ट्रेन, टैक्सी, अन्य गाड़ियों से करनी पड़ी. अन्य भारतीय छात्रों के साथ भूखे प्यासे पैदल भी चलना पड़ा. पोलैंड की सीमा पर पहुंचकर भारतीय दूतावास की मदद से अन्य छात्रों के साथ वह दिल्ली पहुंची. अपने देश की ज़मीन पर कदम रखते उसे सुकून महसूस हुआ.
सृष्टि गर्ग और अन्य छात्रों को लेकर हुए थे खूब ट्वीट, सृष्टि ने जारी की थी बंकर से अपनी वीडियो
सृष्टि गर्ग को लेकर सबसे पहले पूर्व विधायक सह झारखंड प्रदेश भाजपा प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने सृष्टि के मार्मिक वीडियो के साथ ट्वीट किया था. उसके बाद शिक्षा सत्याग्रह के संस्थापक अंकित आनंद और अन्य ने ट्वीट कर गुहार लगाई थी. वे लोग लगातार अपने अपने स्तर पर मुखर रहे. उनलोगों ने सृष्टि के वीडियो लगातार जारी किए जिसे सुनकर छात्रों की तकलीफ सरकार ने जानी.
रिपोर्ट: अन्नी अमृता, ब्यूरो हेड, जमशेदपुर
