धनबाद (DHANBAD)- निरसा थाना क्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाली कापासारा आउटसोर्सिंग में गुरुवार की सुबह करीब सात बजे आउटसोर्सिंग खदान में अवैध मुहाना से कोयला उत्खनन करने के दौरान चाल गिर गई. चाल गिरने से से दो लोगों की मौत हो गई है. जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है. वहीं इस घटना को देख आउटसोर्सिंग में अवैध ढंग से कोयला चुनने वालों में भगदड़ मच गई. इसके बाद आउटसोर्सिंग परियोजना में सन्नाटा पसर गया.
आउटसोर्सिंग प्रबंधन व स्थानीय प्रशासन घटना से कर रही इंकार
वहीं इसीएल, आउटसोर्सिंग प्रबंधन व स्थानीय प्रशासन ने ऐसी किसी प्रकार की घटना से इंकार कर रही है.घटना से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार की सुबह रोजाना की भांति सैकड़ों की संख्या में लोग कोयला उत्खनन करने खदान में उतरे. आउटसोर्सिंग परियोजना के पश्चिम दिशा की ओर बने मुहाना के अंदर लोग कोयला काट रहे थे. इसी दौरान अचानक चाल गिर पड़ा. जिसके चपेट में आने से दो लोगों की मौत घटनास्थल पर हो गई. साथ ही एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया. उनके सहयोगियों ने मलवा से निकाल कर दोनों शव ले भागे. घायल व्यक्ति को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल ले गए. जिसमें एक मृतक व एक घायल कमारडीह गांव का रहने वाला बताया जाता है. जबकि एक मुगमा क्षेत्र का रहने वाला बताया जाता है. घटना घटने के बावजूद कोयला उत्खनन करने वाले अपने कामों में जुटे रहे. मानो जैसे कुछ हुआ ही नहीं है.
बाहरी मजदूरों को मंगाकर कराया जा रहा कोयला उत्खनन
आउटसोर्सिंग परियोजना में अवैध ढंग से कोयला उत्खनन कराने के लिए कोयला कारोबारियों द्वारा दूसरे स्थानों से मजदूरों को बुलाकर कोयला उत्खनन कार्य धड़ल्ले से कराया जा रहा है. इन दिनों मुगमा क्षेत्र में हजारों लोग दूसरे स्थानों से आकर कोयला उत्खनन करने का काम कर रहे हैं. जिसका कोई पहचान कोयला उत्खनन करने वालों के पास नहीं रहता है. ऐसे में जब दुर्घटना घट जाती है तो मजदूर मंगाने वाले कोयला कारोबारी चुप्पी साध लेते हैं.
कितने लाेगों की कोयले की खूली छूट लेगी जान
लोगोें का कहना है कि जिस प्रकार आउटसोर्सिंग से धड़ल्ले से कोयला की लूट हो रही है. ऐसे में हर कोई कोयले की काली कमाई में हाथ धोना चाहती है. जिसका नतिजा है कि सप्ताह या महीना के अंदर ऐसी घटना की पुर्नावृति हो रही है. लोग जान जोखिम में डालकर कोयला चुनने चले जाते हैं. दुर्घटना घटने का कारण यह भी है कि इसीएल प्रबंधन द्वारा रोजना ब्लास्टिंग की जाती है. जिससे जमीन ढीला हो जाता है. जब लोग कोयला उत्खनन या चुनने जाते है तो उसकी चपेट में आ जाते हैं.
रिर्पोट: विनोद सिंह , निरसा
