रांची (RANCHI) : लगातार पुलिस कार्रवाई से नक्सलियों में खौफ बन गया है. पिछले एक सप्ताह में ग्यारह नक्सलियों की गिरफ्तारी पुलिस ने की. वहीं पुलिस की कार्रवाई से घबराए माओवादी संगठन के तीन बड़े नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया. मंगलवार को 10 लाख का इनामी माओवादी एरिया कमाण्डर सुरेश सिंह मुंडा और दो लाख का इनामी लोदरो लोहरा ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है. बता दें कि दो दिन पूर्व 25 लाख का इनामी SAC सदस्य उमेश यादव ने भी आत्मसर्पण कर दिया था. जोनल कमांडर सुरेश सिंह मुंडा पर विभिन्न थाना में 67 मामले दर्ज हैं. वहीं लोदरो लोहरा पर 54 मामले दर्ज हैं.
कमजोर पड़ रहे माओवादी संगठन
इस मामले में जोनल आईजी कार्यालय में मंगलवार को प्रेस वार्ता कर अभियान आईजी ने बताया कि लगातर पुलिस की कार्रवाई से माओवादी संगठन कमजोर पड़ गया है. उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार की समर्पण नीति के तहत दोनों ने अपना हथियार पुलिस के समक्ष डाल कर मुख्य धारा में लौट गए हैं. Crpf आईजी पिछले दिनों जो नक्सलियों के खिलाफ अभियान चल रहा है उस डर से नक्सली हिंसा छोड़ कर मुख्य धारा से लौट रहे हैं. उन्होंने मंच पर दोनों नक्सलियों को बुके देकर स्वागत किया. जोनल आइजी पंकज कंबोज ने कहा कि जो कोल्हान और चाईबासा क्षेत्र में ये लोग सक्रिय थे. पंकज कंबोज ने कहा कि लगातार अभियान जारी है. नक्सली मुख्य धारा से लौटे नहीं तो अभियान के दौरान छोड़ेंगे नहीं. सरेंडर करने के बाद जोनल कमांडर सुरेश मुंडा ने कहा कि जंगलों में कुछ नहीं रखा है.उन्होंने अन्य उग्रवादियों से आह्वान किया कि सरकार की आत्मसर्मपण नीति का लाभ ले और हिंसा छोड़ मुख्य धारा में लौटे.
