अगर सुबह की हड़बड़ाहट में नहीं पढ़ पाए हैं न्यूज पेपर, तो एक नजर में पढ़िए खास खबरें. सोमवार, दिनांक 28 फरवरी को पलामू के कुछ प्रमुख अखबारों की हेडलाइंस इस प्रकार हैं –
53 दिन बाद खुला बेतला नेशनल पार्क बढ़ी चहल-पहल : कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए देश के सभी नेशनल पार्को को बंद करने के आदेश के बाद इस वर्ष 4 जनवरी को बेतला नेशनल पार्क को भी बंद कर दिया गया था. पुनः सरकार के आदेश पर 53 दिनों के बाद पार्क को सैलानियों के लिए खोल दिया गया है. रविवार को बेतला नेशनल पार्क खुलने की सूचना मिलने पर काफी संख्या में सैलानी बेतला पहुंचे. इस कारण बेतला पहले की तरह गुलजार दिखा. (प्रभात ख़बर)
लातेहार पुलिस ने नक्सली समर्थक बता ग्रामीण को पीटा, फिर कहा गलती हो गई : गारू थाना प्रभारी रंजीत कुमार यादव पर बुधवार की देर रात नक्सलियों का मददगार बताकर ग्रामीण अनिल कुमार सिंह की पिटाई करने का आरोप है. पिटाई से उनके शरीर के पिछले नाजुक हिस्से में गहरे निशान पड़ गए। छिपादोहर थाना क्षेत्र स्थित कुकू गांव निवासी अनिल का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है. अनिल ने कहा कि थाना प्रभारी ने पिटाई के बाद कहा कि उसे गलती से थाना लाया गया था. उन्होंने इलाज का खर्च देने की बात कही थी. (प्रभात ख़बर)
पलामू में तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान शुरू, सीएम ने कहा बच्चों के स्वस्थ जीवन के लिए पोलियो की खुराक जरूरी :- पलामू में तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान रविवार से शुरू हुआ. पलामू के सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार ने मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बच्चों को दो बूंद दवा पिलाकर पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत की. इससे पहले सीएम ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि बच्चों के सुनहरे भविष्य एवं स्वस्थ जीवन के लिए पोलियो की दवा पिलाना आवश्यक है. इसी उद्देश्य को लेकर सरकार पूरे देश में पल्स पोलियो अभियान चला रही है. (दैनिक जागरण)
प्रखंड कार्यालय घेरेगी सीपीआई : रविवार को हरिहरगंज प्रखंड के सिमरवारर गांव में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की आम बैठक हुई. इसमें सिमरवार के अलावा आसपास के गांव के लोग भी शामिल हुए. बैठक की अध्यक्षता कैलाश पासवान ने की. इसमें ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को रखा और बताया कि किस तरह से लोग परेशान हैं और सरकार व प्रशासन उनकी परेशानी को दूर करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है. बैठक में ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान को लेकर आंदोलन की रणनीति बनाई गई. (प्रभात ख़बर)
निर्दोष हिंदुओं की हत्या करने वालों को मिले फांसी : दामोदर - रविवार को हिंदुत्ववादी संगठनों ने जन आक्रोश मार्च निकाला इसमें विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, श्री राम सेना सहित कई हिंदुत्व संगठन के लोग काफी संख्या में शामिल थे। इसमें शामिल लोग वंदे मातरम एवं भारत माता का जयघोष कर रहे थे. वहीं जिहादी ताकतों को अपनी हरकत से बाज आने की चेतावनी भी दे रहे थे। जन आक्रोश मार्च गीता भवन से निकलकर शहर के मुख्य मार्ग होते हुए छमुहान पहुंचा. वहां पर संगठन के लोगों ने प्रदर्शन किया और निर्दोष हिंदुओं की हो रही हत्या की घटना की निंदा की. (दैनिक जागरण)
आदिम जनजाति के बच्चों का भविष्य गढ़ रही उड़ान परियोजना, ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित थे बच्चे - वैश्विक महामारी कोरोना में पिछले 2 वर्षों में जहां विकास कार्यों के साथ बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हुई थी। वही इंटरनेट की सुविधा नहीं होने के कारण जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्र में निवास करने वाले आदिम जनजाति के बच्चे ऑनलाइन शिक्षा से भी वंचित जा रहे थे. इसे दूर करने के लिए जेएसएलपीएस की उड़ान परियोजना के तहत पीवीटीजी पाठशाला की शुरुआत गई थी. शुरुआती कठिनाइयों के बाद अब परियोजना के चेंज मेकर्स आदिम जनजाति परिवार के बच्चों के भविष्य गढ़ने का काम कर रहे हैं. वर्तमान में यह परियोजना मनातू प्रखंड में सबसे सफल साबित हो रही है. यहां जसपुर में करीब 271 बच्चे पाठशाला का लाभ ले रहे हैं. (दैनिक जागरण)
