गुमला (GUMLA) - नगर भवन में आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम की श्रृंखला में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के संरक्षण में गुमला जिलांतर्गत अनुसूचित जनजातियों के व्यक्तियों, श्रमिकों, विधवाओं, महिलाओं, दिव्यांगजनों के साथ ही समाज के अति पिछड़े वर्ग इत्यादि लोगों के लिए विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया. बता दें कि यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार और जिला प्रशासन गुमला के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया.
सभी तक न्याय पहुंचाना एकमात्र उद्देश्य
इस अवसर पर प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष ने डालसा द्वारा गुमला जिलांतर्गत किए जाने वाले कार्यों का वर्णन करते हुए बताया कि नालसा के “सभी तक न्याय पहुंचाना” के आदर्श के साथ डालसा निरंतर जिलेवासियों की सेवा एवं हित के लिए विभिन्न कार्य कर रहा है. वहीं डालसा लगातार जिला प्रशासन के सहयोग से समाज के कमजोर वर्ग, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों, दिव्यांग व्यक्तियों और आमजनों के लिए न्याय पहुंचाने का काम भी कर रहा है.
कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता ज़रुरी
शिविर में जिला और अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय डी.सी. अवस्थी ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ-साथ संवैधानिक प्रावधानों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षित और महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ उन्हें एक गरिमामय जिंदगी देने के लिए उन्हें शिक्षित करना ज़रुरी है. इसके साथ उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक होना भी ज़रुरी है, ताकि वे अपने भविष्य को संवार पाएं. उन्होंने आगे कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति को अपने अधिकार की सुरक्षा के लिए न्यायलय की शरण लेनी पड़े या किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता की आवश्यकता हो तो वे जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सहायता प्राप्त कर सकते हैं.
रिपोर्ट : सुशील कुमार सिंह, गुमला
