धनबाद(DHANBAD) | सीएसआईआर-केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान, धनबाद में सप्ताह भर चलने वाले अखिल भारतीय विज्ञान महोत्सव ‘विज्ञान सर्वत्र पूज्यते’ कार्यक्रम का आज छठवें दिन का कार्यक्रम हुआ. आज का विषय ‘आगे की राह: भारतीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के आगामी 25 वर्ष’ था. इस अवसर पर तीन व्याख्यानों समेत ‘दि एज ऑफ ड्रोन्स’ तथा ‘आईआईटीज़ ऐंड दि प्रॉमिज़ ऑफ नैनोटेक्नोलॉजी’ विषयक दो वृत्तचित्र प्रस्तुत किए गए. आज के आमंत्रित वक्ताओं के रूप में पीयूष श्रीवास्तव, प्रमुख, प्राकृतिक संसाधन प्रभाग, टाटा स्टील, जमशेदपुर; मो. नियाजी, निदेशक, एसएंडटी, डीजीएमएस, धनबाद एवं डॉ. के. गोपालाकृष्णा, वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक, सीएसआईआर-एनएमएल, जमशेदपुर उपस्थित थे.
सिम्फर सदस्यों के अलावा धनबाद के 200 विद्यार्थी एवं शिक्षकगण शामिल हुए
सिम्फर सदस्यों के अलावा धनबाद स्थित विभिन्न कार्यालयों के प्रतिनिधि और स्कूल-कॉलेजों के लगभग 200 विद्यार्थी एवं शिक्षकगण भी इस कार्यक्रम में उपस्थित हुए. मुख्य वैज्ञानिक, डॉ. आर. वी. के. सिंह द्वारा आमंत्रित वक्ताओं का स्वागत किया गया. आमंत्रित वक्ता, पीयूष श्रीवास्तव ने अपने व्याख्यान के माध्यम से ड्रोन के वर्तमान अनुप्रयोगों के साथ-साथ इनकी भावी संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला. मो. नियाजी ने ‘भारतीय खननः संभावनाएँ एवं चुनौतियाँ’ विषय पर एक सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया. डॉ. के. गोपालाकृष्णा ने अपने ‘योज्य विनिर्माण – भावी विनिर्माण संभावनाएँ’ विषयक व्याख्यान से सभी को लाभान्वित किया. व्याख्यानों के पश्चात् संस्थान द्वारा आमंत्रित वक्ताओं को सम्मानित किया गया. संस्थान के वैज्ञानिक, डॉ. रंजीत कुमार पासवान एवं निलाबजेन्दु घोष, वैज्ञानिक ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का मंच संचालन किया. सिम्फर सदस्यों के अलावा आमंत्रित वक्ता सहित स्कूली छात्र-छात्राओं ने विज्ञान प्रदर्शनी का आनंद उठाया
रिपोर्ट :अभिषेक कुमार सिंह ,ब्यूरो हेड ,धनबाद
