धनबाद (DHANBAD) : धनबाद टाउन हॉल में एदार-ए-शरिया झारखंड के तत्वावधान में अधिकारों की प्राप्ति, सामाजिक बुराइयों का खात्मा, शिक्षा के स्तर को बढ़ाने, एवं मुस्लिम समुदाय के अन्य ज्वलंत मुद्दों पर आधारित मिल्ली कन्वेंशन एदार-ए-शरीया का आयोजन किया गया, जिसमें धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, रांची, हजारीबाग, जमशेदपुर, जामताड़ा, सहित देश के विभिन्न भागों से धार्मिक, सामाजिक, एवं शिक्षाविद्, अन्य विषयों के विशेषज्ञ शामिल हुए. इसकी अध्यक्षता सैयद नुरुल-ऐन बरकाती ने किया.
सफलता के प्रति यह समुदाय जागरूक नहीं
मुख्य अतिथि मौलाना गुलाम रसूल बलियावी-पूर्व सांसद ने पूरे भारत में विशेषकर- झारखंड राज्य के मुस्लिम समुदाय के पिछड़ेपन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक जुनून की हद तक अपने सफलता के प्रति यह समुदाय जागरूक नहीं होगा, तबतक इनके दयनीय स्थिति में सुधार नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि बिहार राज्य में मदरसों से पढ़े छात्र-छात्राओं को सिविल सर्विसेज एग्जाम की तैयारी नि:शुल्क करा कर उसे विकास के मुख्यधारा में लाया गया, मगर झारखंड में इस समुदाय की सुध लेने वाला कोई नहीं, उन्होंने मुस्लिम समुदाय से आह्वान किया कि वे शिक्षा एवं व्यवसायी के मैदान में कामयाब संघर्ष करें. पूर्व सांसद ने कहा कि-"देश के मुसलमान किराएदार नहीं हैं, बल्कि बराबर के हिस्सेदार हैं", इसीलिए कोई भी व्यक्ति इसे दो नंबर के नागरिक समझने की गलती ना करें.
शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है
विशिष्ट अतिथि एदार ए शरीया झारखंड के नाजिमे आला मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी ने कहा कि हर सफलता के प्रथम और अंतिम पायदान- "शिक्षा है", इसके बगैर जीवन अधूरा है. उन्होंने कहा कि राज्यभर के कोने-कोने में एदार-ए-शरीया ने जो जागरूकता पैदा की है, वो समुदाय और राज्य को नयी दशा और दिशा तय करेगा. उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य में मुस्लिम समुदाय की बुनियादी समस्याएं दिन-ब-दिन उलझती जा रही हैं, चाहें वो शिक्षा हो, सामाजिक हो, आर्थिक हो, या राजनीति हो, यह समुदाय विकास के किसी भी पायदान पर नहीं है और यह एक चिंता का विषय है.
लोगों को चाहिए के वह एदारा के साथ चलें
प्रसिद्ध स्कॉलर मौलाना आसिफ इकबाल ने कहा कि "एदार-ए-शरीया झारखंड की आवाज पर झारखंड राज्य के मुस्लिम समुदाय तैयार रहते हैं जिनकी समस्याओं का समाधान एदार-ए-शरिअह करता है. पूर्व मंत्री मननान मलिक ने कहा कि एदार ए शरीया झारखंड राज्य का एक बड़ा एदारा है, लोगों को चाहिए के वह एदारा के साथ चलें, सैयद नुर-उल ऐन बरका़ती ने कहा कि "ऐदारा, समाज व राज्य हित में कार्यरत है." ऐदारा चाहता है कि शिक्षा के जगत में राज्य में क्रांति पैदा हो जाए. मौलाना डॉक्टर अहकरुल कादरी ने कहा कि मुस्लिम समुदाय की समस्या के हल करने के लिए खानकाहों के सज्जादगान को आगे आना पड़ेगा, शाहिद कमर ने कहा के एकजुटता के साथ काम करने की जरुरत है.
ये हुए शामिल
कन्वेंशन के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद केंद्रीय एदार-ए-शरीया के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह एम.एल.सी. विधायक, मौलाना गुलाम रसूल बलयावी शामिल हुए, जबकि विशिष्ट अतिथियों में एदार-ए-शरिया झारखंड के नाजिम-ए-आला आल्लामा मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी, जामिया मिल्लिया के प्रोफेसर वाहिद नजीर, जे.पी.एस.सी. के पूर्व अध्यक्ष- प्रोफेसर एम.पी. हसन, मौलाना आसिफ इकबाल, प्रसिद्ध कवि मौलाना दिलक़श राॅचवी, मुफ्ती फैजुल्लाह मिस्बाही,मौलाना डॉक्टर अहकरुल कादरी, मुफ्ती गुलाम फारुक, मौलाना डॉक्टर ताजुद्दीन, काजी मसउद फरीदी, मौलाना आफताब जिया आदि उपस्थित रहे.
रिपोर्ट : अभिषेक कुमार सिंह ,ब्यूरो हेड ,धनबाद
