रांची (RANCHI) : झारखंड पुलिस के द्वारा नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. इसी कड़ी में झारखंड सरकार के आत्मसमर्पण और पुर्नवास नीति के तहत 25 लाख का इनामी माओवादी उमेश यादव ने आत्म-समर्पण किया. उमेश यादव भाकपा माओवादी का SAC सदस्य है. माओवादी उमेश यादव के ऊपर 25 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. वह मूल रूप से बिहार के जहानाबाद जिले का रहने वाला है. उसने 90 के दशक के माओवादी संगठन जॉइन किया था.
अब सिर्फ लेवी लेने का काम कर रहे हैं माओवादी
आत्मसमर्पण के बाद माओवादी ने बताया कि संगठन अपने सिद्धांतों से भटक गया है. यह संगठन सिर्फ लेवी के कामो के लिए बच गया है. संगठन के जो वरीय सदस्य हैं, उनके बच्चे अच्छे जगह पर रह रहे हैं और पढ़ाई कर रहे हैं. लेकिन निचले स्तर के लोगों का शोषण किया जा रहा है. इस मौके पर आईजी ने सभी उग्रवादियों से कहा कि अहिंसा का रास्ता छोड़ मुख्य धारा पर लौटें. सरकार और पुलिस के द्वारा उनका स्वागत किया जाएगा. सेक्टर आईजी CRPF ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले का हम स्वागत करते हैं. उन्होंने उग्रवादियों को चेतावनी दी कि आप मुख्य धारा से जुड़ जाएं नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी. रांची आईजी पंकज कुमार ने कहा कि इस लड़ाई से देश और राज्य का नुकसान हो रहा है. उन्होंने सभी नक्सलियों से आग्रह किया कि आप मुख्य धारा से लौटे और सरकार की नीति का फायदा ले और अपने बच्चो का भविष्य सुधारें.
अभियान रहेगा जारी : एसएसपी
इस मौके पर रांची के एसएसपी सुरेंद्र झा ने कहा कि हिंसा की लड़ाई से कुछ नही मिलेगा. हिंसा में आपका ही नुकसान है. उन्होंने कहा कि अगर माओवादी आत्मसमर्पण नहीं करते तो हमारे अभियान में उन्हें जान गवानी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले उमेश यादव को 20 साल बाद समझ में आया और वह मुख्य धारा पर लौट आया. जब तक बाकी माओवादी मुख्य धारा पर नहीं लौटते, तब तक हमारा अभियान जारी रहेगा.
रिपोर्ट : समीर हुसैन, रांची
