रांची(RANCHI) :. छठी JPSC में हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. इस फैसले के बाद जहां नौकरी कर रहे कुछ लोग बर्खास्त होंगे, वहीं कुछ नए का चयन भी होगा. कोर्ट की डबल बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले को सही बताते हुए छठी JPSC का रिजल्ट खारिज कर दिया है. रिजल्ट खारिज होने से JPSC के 336 अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है. वहीं जो पदाधिकारी बन गए थे, वैसे 100 से अधिक अभ्यर्थी को नौकरी से हटा दिया जाएगा.
कोर्ट के फैसला के बाद JPSC फिर से मेरिट लिस्ट जारी करेगा. नए मेरिट लिस्ट में 100 से अधिक अभ्यर्थी बाहर हो जाएंगे. और उतने ही असफल अभ्यर्थियों को जगह मिलेगी. एकल पीठ ने पूर्व में छठी जेपीएससी के रिजल्ट को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि पेपर वन का अंक कुल प्राप्तांक में जोड़ा जाना सही नहीं है.
रिजल्ट को लेकर को हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉक्टर रवि रंजन और न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि छठी जेपीएससी की पूरी प्रक्रिया हो चुकी है. नियुक्ति प्रक्रिया में कहीं कोई गलती नहीं है. मुख्य परीक्षा में पेपर वन हिंदी और अंग्रेजी का जो अंक कुल प्राप्तांक में जोड़ा गया है, वह सही है. इसलिए एकल पीठ के आदेश को निरस्त कर दिया जाए.
असफल अभ्यर्थियों ने बताया कि छः साल से लंबा समय लग गया. लेकिन उन्हें कोर्ट का भरोसा था कि फैसला उनके पक्ष में आएगा. नतीजा बुधवार को फैसला उनके पक्ष में आया. अभ्यर्थियों ने बताया कि पेपर वन का नंबर पूर्णांक में जोड़ना गलत है इसलिए यह रिजल्ट रद्द किया गया है. अभ्यर्थियों के वकील अमृतांश वत्स (हाई कोर्ट अधिवक्ता, रांची) ने बताया कि फैसले के बाद सौ से अधिक अभ्यर्थियों को बाहर का रास्ता देखना होगा. अब तक उठाए गए वेतन की रिकवरी कैसे होगी, यह सरकार के कदम पर निर्भर करता है.