दुमका (DUMKA) - पूर्व विधायक सह झारखंड पीपल्स पार्टी के अध्यक्ष सूर्य सिंह बेसरा दुमका पहुंचे. परिसदन में उन्होंने मंगलवार को प्रेस वार्ता की. प्रेस वार्ता के दौरान न केवल राज्य सरकार पर बल्कि प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा पर भी निशाना साधा. हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन ने शराबबंदी को लेकर आंदोलन किया था, लेकिन उनका पुत्र मुख्यमंत्री बनने के बाद घर-घर शराब पहुंचाने की रणनीति बना चुके हैं, जो कहीं से भी उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य बने लगभग 22 वर्ष हो गए. इन 22 वर्षोंं में पांच चुनाव हुए, ग्यारह सरकारें बनी और तीन बार राष्ट्रपति शासन लागू हुआ. लेकिन इस अवधि में ना तो झारखंड की तस्वीर बदली और ना ही झारखंडियों की तकदीर. आगे उन्होंने कहा कि चुनाव हुआ, नेता का परिवर्तन हुआ, नेतृत्व का परिवर्तन हुआ, सत्ता का परिवर्तन हुआ, लेकिन व्यवस्था का परिवर्तन नहीं हो पाया.
सरकार की गलत नीति का विरोध
सूर्य सिंह बेसरा ने कहा कि 25 फरवरी से 25 मार्च तक 1 महीने का हेमंत सोरेन सरकार का बजट सत्र होगा. यह समय चुनौतीपूर्ण और संघर्ष पूर्ण होने जा रहा है. सदन के अंदर विपक्ष का आंदोलन होगा तो सड़कों पर युवाओं का. इसकी शुरुआत भी हो चुकी है. कोयलांचल में जय राम महतो ने आवाज बुलंद की है तो पूर्व विधायक अमित महतो ने पार्टी से त्यागपत्र देकर सिल्ली से दिल्ली तक अपनी आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया है. इस स्थिति में संथाल परगना में युवाओं का नेतृत्व सिदो कान्हू के वंशज मंडल मुर्मू के द्वारा किया जाएगा और मंडल मुर्मू को आशीर्वाद देने के लिए वह भोगनाडीह जा रहे हैं. वहीं 4 मार्च को भोगनाडीह की धरती से विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि भाषा का कोई विवाद नहीं है. सरकार की गलत नीति का विरोध हो रहा है. 22 वर्षों तक झामुमो हो या भाजपा सब ने मिलकर बारी बारी से राज्य को लूटने का काम किया.
जगरनाथ महतो और सीता सोरेन पर निशाना
जगरनाथ महतो पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए वह 1932 के खतियान लागू करने की बात करते हैं. लेकिन उनकी बातें नहीं सुनी जा रही है तो इस स्थिति में उन्हें नैतिकता के आधार पर अपने पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए. उन्होंने खुद का हवाला दिया कि कैसे संयुक्त बिहार में मुख्यमंत्री रहते लालू के ललकार पर उन्होंने विधायकी से त्यागपत्र दे दिया था. शिबू सोरेन की बहू सीता सोरेन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अगर उनकी बातें नहीं सुनी जा रही है तो सिर्फ बयानबाजी से काम नहीं चलेगा. सीता सोरेन को सीता का अवतार लेना होगा.
परिवारवाद और वंशवाद होगा समाप्त
उन्होंने कहा कि सरकार को हर हाल में 1932 का खतियान लागू करना होगा. झारखंडी भाषा, स्थानीय नीति और नियोजन नीति लागू करते हुए यहां के युवाओं को रोजगार देना होगा और इन मांगों को लेकर राज्य के युवाओं ने कमर कस ली है. अब हर हाल में परिवारवाद और वंशवाद समाप्त होगा.
रिपोर्ट : पंचम झा, दुमका
