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आदिवासी साहित्य में उड़िया भाषी समाज के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी से लोग आहत, डीसी को ज्ञापन सौंपकर सिलेबस से शब्द हटाने की मांग

आदिवासी साहित्य में उड़िया भाषी समाज के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी से लोग आहत,  डीसी को ज्ञापन सौंपकर सिलेबस से शब्द हटाने की मांग

चाईबासा ( CHAIBASA) -  कोल्हान  विश्वविद्यालय में पढ़ाये जा रहे  आदिवासी हो भाषा साहित्य में उड़िया भाषी पान-तांती समाज के बारे में कई अपमानजनक शब्द का प्रयोग किया गया है, जिससे पान-तांती समाज में काफी रोष व्याप्त है. जिसके विरोध में पान-तांती समाज के बुद्धिजीवियों ने राहुल दास के नेतृत्व में पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त अनन्य मित्तल से मिलकर आपत्ति जतायी और एक ज्ञापन सौंपकर आदिवासी हो साहित्य से  अपमानजनक शब्दों को हटाने की मांग की है. पान-तांती समाज के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त अनन्य मित्तल को बताया कि कोल्हान यूनिवर्सिटी के कॉलेजों में क्षेत्रीय भाषा हो साहित्य इतिहास अंतर्गत सहायक ग्रंथ के खंड में हो दिशुम हो होनको में पान-तांती को बेवकूफ, मूर्ख, भूक्खड़ बताया गया है. जबकि सच्चाई ऐसी नहीं है. इस पुस्तक को सदर प्रखंड के करलाजूड़ी निवासी हो साहित्यकार धनुर सिंह पुरती ने लिखी है. प्रतिनिधिमंडल ने  बताया कि हो दिशुम हो होनको नामक इस पुस्तक के भाग सात के पृष्ठ संख्या 76, 78,80 में तीन पाठों में पान तथा तांती को मूर्ख, बेवकूफ तथा भुक्खड़ बताया गया है. प्रतिनिधिमंडल ने  कहा कि पुस्तक में उनके समाज के खिलाफ इस टिप्पणी से उनका समाज आहत है. 
उपायुक्त से मिलने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि उपायुक्त ने उनकी समस्या सुनी और उसे सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया*


पुस्तक से पान-तांती मर्माहत

 दास ने कहा कि हो दिशुम हो होनको नामक पुस्तक में पान तथा समाज को नीचा दिखाया गया है. उसका मजाक उड़ाया गया है. यह किसी भी स्थिति में बर्दाश्त के योग्य नहीं है. धनुरसिंह पुरती द्वारा लिखित इस पुस्तक को कॉल्हान यूनिवर्सिटी के सिलेबस में शामिल किया गया है. ऐसे में हमारे समाज के लोग भी पढ़ रहे हैं. वे इस पुस्तक को पढ़कर हीनभावना से ग्रसित हो रहे हैं. शर्मिंदा भी महसूस कर रहे हैं.

सरकार निवेदन है सिलेबस से आपत्तिजनक बातों को हटाये  : विजय कुमार दास

विजय कुमार दास ने कहा कि सरकार से हम निवेदन करते हैं कि सिलेबस से आपत्तिजनक बातों को अभिलंब हटाया जाए नहीं तो केवल कोल्हान प्रमंडल ही नहीं पूरे झारखंड में इसका विरोध किया जाएगा . मौके पर विजय कुमार दास ,हेमंत पान, बंछा निधि केसरी, सपन कुमार ,अभिमन्यु पान ,पदमा केसरी, ज्योति दास ,देवकी कुमारी , प्रमिला पात्रो ,राजमनी तांती, कंचन दास, विजय दास जूनियर, देव कुमार दास ,रंजीत दास ,देवेंद्र कुमार दास, शंकर पान ,मनोज दास ,प्रमोद दास, सतीश दास ,शरण कुमार पान के साथ काफी संख्या में काफी संख्या में पान तांती समाज के लोग मौजूद थे.

रिपोर्ट - रमेश दास, चाईबासा

Published at:12 Feb 2022 01:23 PM (IST)
Tags:News
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