दुमका (DUMKA) – आज के दौर में जब इंसान इंसान को पहचानने से इनकार कर दे रहे हैं, झाड़ियों में नवजात फेंके जा रहे हैं, उस स्थिति में एक बेजुबान डॉगी के दो मालिक सामने आ जाए तो लगता है कि इंसान को इंसान से ज्यादा जानवर से प्रेम होने लगा है. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद असली मालिक को डॉगी दे दिया गया. यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है. जानवर में वफादारी देखनी हो तो आज भी लोग कुत्ते का जिक्र करते हैं. ऐसे में दुमका शहर की एक घटना ने इसे साबित कर दिखाया है. दरअसल शहर के एक होटल मालिक मयंक सिंह ने लगभग 5 वर्ष पहले कोलकाता से 8 हजार रुपए में 2 माह के एक लेब्राडोर प्रजाति का कुत्ता खरीद कर अपने घर लाए थे. उसका नाम रखा एसक्युबी. वहीं 6 महीने पूर्व होटल का मैन गेट खुला देख डॉगी बाहर निकल गया. सड़क पर पहुंचते ही वह भटक गया. इसके बाद काफी दिनों तक मयंक काफी परेशान रहे. चारों तरफ खोज की गई लेकिन एसक्यूबी का पता नहीं चला.
डॉग स्क्वायड की टीम ने सुलझाया मामला
अचानक मयंक सिंह अपने किसी परिचित को परीक्षा दिलाने एसपी कॉलेज गए थे. वहां उनकी नजर लैब्राडोर प्रजाति के एक ऐसे डॉगी पर पड़ी जिसे कोई और टहला रहा था. मयंक को शक हुआ तो उसने अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी का हॉर्न बजाया. हॉर्न सुनते ही एसक्यूबी दौड़ता हुआ मयंक की गाड़ी के पास पहुंच गया. अब मयंक को पक्का यकीन हो गया कि यह वही डॉग है जो 6 महीने पूर्व होटल से निकल गया था. फिर क्या था एसपी कॉलेज मैदान में मजमा लग गया. एक डॉगी के दो दावेदार सामने थे. दोनों के बीच हॉट टॉक होने लगी. मयंक सिंह ने इसकी सूचना नगर थाना को दी. सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस की पीसीआर वैन मौके पर पहुंची और डॉगी को कब्जे में लेकर थाना चली गई. नगर थाना पहुंचे दोनों मालिकों ने पुलिस के समक्ष डॉगी को लेकर अपनी दावेदारी पेश की. पुलिस भी डॉगी के वास्तविक मालिक कौन है इसको लेकर पड़ताल करती रही. डॉगी के दूसरे मालिक ने परिवार के अन्य सदस्यों से डॉगी का बेहतर संबंध होने का हवाला दिया. पुलिस मयंक के घर के बच्चों को भी बुलाया लेकिन डॉगी पहले वाले मालिक के पास ही भटकता रहा. अंत में पुलिस ने डॉगी के वास्तविक वारिस की पड़ताल को लेकर पुलिस लाइन से डॉग स्क्वायड की टीम को बुलाया. मौके पर डॉग स्क्वायड की टीम ने जांच कर पहले मालिक को सही पाया. तब नगर थाना पुलिस सनहा दर्ज करते हुए पहले वाले मालिक यानी होटल के संचालक मयंक सिंह को डॉगी सौंप दिया.
रिपोर्ट : पंचम झा, दुमका