गिरिडीह (GIRIDIH) : तिसरी थाना क्षेत्र के भूराई के बेरगियातरी में मंगलवार को 16 वर्षीय कविता कुमारी की माइका खदान में दबने से मौत हो गई. घटना की जानकारी जब तक आसपास के गांव वालों को मिली, तब तक काफी देर हो गई. वहीं खदान के संचालक मामले को छिपाने के प्रयास में भी जुट गए. ढिबरा के डंप से दबने के बाद परिजन जख्मी कविता को लेकर पहले तिसरी स्वास्थ केंद्र गए. हालत नाजुक देखते हुए बच्ची को सदर अस्पताल भेजा गया. जहां चिकित्सक ने जांच के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया. इलाके में कविता की मौत चर्चा का विषय बना हुआ है.
यह है मामला
जानकारी के अनुसार बेरगियातरी का यह अवैध माइका खदान तिसरी के ही किसी हुसैनी मियां का बताया जा रहा है. हालांकि इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है. लेकिन तिसरी पुलिस के सूत्रों की मानें तो खदान हुसैनी मियां का ही था. हुसैनी मियां ने ही कविता के साथ उसकी मां को खदान में अवैध तरीके से ढिबरा चुनने को भेजा था. घटना के बाद जानकारी मिलने पर तिसरी थाना पुलिस और वन विभाग के पदाधिकारी भी घटनास्थल पहुंचे थे. जानकारी के अनुसार कविता कुमारी तिसरी के पालमो गांव की विनोद यादव की बेटी थी और वह अपनी मां के साथ बेरगियातरी के अवैध माइका खदान में ढिबरा चुनने गई थी. ढिबरा चुनने के क्रम में ही खदान के हिस्से का एक ढेर बच्ची पर गिर गया. इसके बाद वह गंभीर रूप से जख्मी हो गई. घटना की जानकारी मिलने के बाद बच्ची के पिता समेत पड़ोस के कई लोग वहां पहुंचे. पुलिस सूत्रों की मानें तो खदान संचालक भी वहां पहुंचा था और मामले को खदान संचालक द्वारा छिपाने के लिए परिजनों पर दबाव बनाते भी सुना गया. इसके बाद मामले को घर के मिट्टी का दीवार टूटने का रूप दिया गया. बच्ची के परिजनों ने बताया कि पालमो गांव स्थित उनके घर की दीवार बारिश के कारण काफी जर्जर हो चुकी थी और इसी में दबकर उनकी बेटी कविता की मौत हुई है. लेकिन कुछ देर बाद ही स्पष्ट हो गया कि बच्ची की मौत ढिबरा चुनने के दौरान ही हुई थी.
रिर्पोट: दिनेश कुमार, गिरिडीह
