धनबाद (DHANBAD) - निरसा खनन हादसे पर अब राजनीति शुरू हो गई है. जहां एक तरफ भाकपा माले नेता दीपांकर भाटाचार्य ने निरसा का दौरा किया तो वहीं भाजपा विधायक दल के नेता सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने भी गुरुवार को निरसा खदान हादसे पर राज्य सरकार को निशाने पर लिया. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि बिना राज्य मशीनरी की मिलीभगत से इतने व्यापक पैमाने पर कोयला उत्खनन अथवा चोरी हो ही नहीं सकती है. निरसा विधायक अपर्णा सेनगुप्ता के आवास पर गुरुवार को अयोजित प्रेसवार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री बोल रहे थे. प्रेस कांफ्रेंस के बाद उन्होंने निरसा घटनास्थल का भी निरीक्षण किया.
कोलियरी अधिकारियों पर केस होना चाहिए
उन्होंने कहा कि घटना को लेकर कोलियरी सुरक्षा में लगे अधिकारियों पर प्राथमिकी होनी चाहिए. निरसा की घटना राज्य सरकार की विफलता है. उन्होंने कहा कि गोपीनाथपुर, कापासरा और दहीबाड़ी में जो घटनाएं घटी हैं, वह राज्य और केंद्र सरकार दोनों के लिए शर्म की बात है. राज्य सरकार को तो यह देखना चाहिए कि इस तरह की घटनाएं नहीं हो ,मरांडी ने कहा कि यह बात बहुत स्पष्ट है कि कोयला चोरी अथवा कोयला उत्खनन का काम एक सिंडिकेट गिरोह द्वारा किया जा रहा है. वह गिरोह अपने लाभ के लिए किसी को भी मौत के कुएं में धकेल देता है. ऐसे में गरीब लोगों की जानें जाती हैं, जो सिर्फ अपनी पेट के लिए खतरा मोल लेते हैं.
झारखण्ड और बंगाल के बॉर्डर पर कोयला के अवैध उत्खनन
झारखण्ड और बंगाल के बॉर्डर से सटे पश्चिम बंगाल में देखिए, वहां उद्योग का जाल दिखता है. लेकिन वहीं निरसा में उद्योग का घोर अभाव है. इस जगह पर जहां नए उद्योग लगने चाहिए, वहां उद्योग तो नहीं लगे लेकिन रोजगार के अभाव में लोग मज़बूरी में अपनी जान को दांव पे लगा रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले को राज्य सरकार के सामने मजबूती से उनकी पार्टी उठाएगी. साथ ही जनता की अदालत में भी वह इस बात को रखेंगे. उनका यह भी कहना है कि जिन जगहों से कोयला निकालना कंपनियों द्वारा संभव नहीं है या उसे असुरक्षित घोषित कर बंद कर दिया जाना चाहिये. उनके मुहाने को पूरी तरह से समतल कर देना चाहिए, जिससे कि कोयला निकालने या चोरी करने की कोई संभावना ही नहीं बचे. घटनास्थल का मुआयना करने के बाद कहा कि बहुत बड़ी घटना हुई है. उस घटना की सूचना मिलते उनकी निरसा विधायक अपर्णा सेनगुप्ता मौक़े पर पहुंची थी. राज्य सरकार की विफलता का यह घटना परिणाम है. उनका सीधा आरोप है कि राज्य सरकार के संरक्षण में राष्ट्रीय संपत्ति की खुलेआम ,बेधड़क चोरी हो रही है और सरकार की मशीनरी इसमें शामिल हैं.
रिपोर्ट : अभिषेक कुमार सिंह ,ब्यूरो हेड ,धनबाद
