धनबाद (DHANBAD) के पब्लिक स्कूलों में गुरुवार से पढ़ाई शुरू हो गई है. डिनोबली, सेंटजेवियर ,राजकमल समेत अधिकतर स्कूलों ने गुरुवार से ही 12वीं क्लास तक के लिए स्कूल खोलने की तैयारी पूरी कर ली है. वहीं डीपीएस और डीएवी कोयलानगर सहित कुछ स्कूल सरस्वती पूजा के बाद खुलेंगे. स्कूल प्रबंधन का दावा है कि सरकार का आदेश मिलने के बाद बुधवार को पूरी साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन समेत अन्य कार्य पूरे कर लिए गए हैं. स्कूल प्रबंधन का दावा है कि स्कूलों में कोरोना गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन किया जाएगा. स्कूल में बच्चे सुरक्षित रहेंगे. वहीं स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों से अपील की है कि वह पूरी तरह से निश्चिंत होकर बच्चों को स्कूल भेजे.
गार्जियन बेफिक्र होकर बच्चों को भेजे स्कूल
धनबाद के सेंट जेवियर स्कूल के प्राचार्य रवि प्रकाश तिवारी का कहना है कि बच्चों के लिए स्कूल पूरी तरह से तैयार और सुरक्षित है. अभिभावक बेफिक्र होकर बच्चों को स्कूल भेजें. साथ ही उन्होंने कहा कि ऑनलाइन क्लास का बच्चों को कितना फायदा होता है, यह तो कहना मुश्किल है लेकिन स्कूल का एक अपना अलग महत्व होता है. स्कूल आने का बच्चों पर एक मनोवैज्ञानिक असर भी होता है. स्कूल में बच्चों को सही मार्गदर्शन मिलता है, जिससे बच्चे जल्द ही अपने को भविष्य के लिए तैयार कर पाने में सक्षम होते हैं. आगे उन्होंने कहा कि कोरोना एक वैश्विक महामारी है और इस बीमारी से हर तबका प्रभावित हुआ है. जिसमें शिक्षा का क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ. लेकिन स्कूल खुलने से अभिभावक और बच्चे दोनों ही खुश हैं. ऐसे में हर स्कूल प्रबंधन बच्चों का विशेष ख्याल रख रहा है.
अभिभावक में खुशी
एक अरसे के बाद स्कूल खुलने से बच्चों के अभिभावक काफी खुश हैं. अभिभावक डॉक्टर जे सिंह ने कहा कि 22 महीनों के बाद स्कूल खुल रहे हैं. बच्चों को ऑफलाइन क्लास करने का मौका मिलेगा. सरकार को चाहिए कि बच्चों के वैक्सीनेशन की व्यवस्था करें. अभिभवक योगेश कुमार सिंह का कहना है कि स्कूल खुलने से बहुत अच्छा लग रहा है. लेकिन मन में कहीं ना कहीं भय जरूर है कि स्कूल में बच्चों को कितनी सुरक्षा मिल पाएगी. यह बात सही है कि स्कूल आने से बच्चों को जो एक फील मिलता है, वह घर में रह कर ऑनलाइन क्लासेज से नहीं मिलता.
बच्चों में दोगुनी खुशी
स्कूल खुलने से बच्चे भी काफी खुश हैं. छात्र वैभव का कहना है कि स्कूल खुलना उनके लिए उत्साह की बात है, क्योंकि उनके लिए ऑनलाइन क्लासेस बहुत कारगर साबित नहीं हो रहा था. गौरतलब है कि बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूल प्रबंधन ऑफ़लाइन के साथ ऑनलाइन की सुविधा भी प्रदान करेगा. लेकिन ऑफलाइन पढ़ाई के लिए बच्चों के अभिभावकों को शपथ पत्र भर कर देना होगा कि वे अपनी मंजूरी से बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं. कोरोना के इस दौर में यदि वे बीमार पड़ते हैं तो इसकी जिम्मेवारी स्कूल प्रबंधन नहीं लेगा.
रिपोर्ट : अभिषेक कुमार सिंह, ब्यूरो हेड, धनबाद
