☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

कोल तस्करी की तर्ज पर पशु तस्करी भी धडल्ले से जारी, रोजाना ढाई सौ वाहन से पशु भेजे जा रहे बंगाल

कोल तस्करी की तर्ज पर पशु तस्करी भी धडल्ले से जारी, रोजाना ढाई सौ वाहन से पशु भेजे जा रहे बंगाल

धनबाद(DHANBAD)- ये है कोयले की राजधानी धनबाद, यहां माफियागिरी, रंगदारी से लेकर पशु तस्करी सब कुछ होता है. तरीके और लोग अलग-अलग होते हैं. सबका अपना-अपना सिंडिकेट काम करता है और उसी की बदौलत सब कुछ बेधड़क चलता है. इस सिंडिकेट में पुलिस, बेरोजगार, नेता, सुरक्षा एजेन्सिया सभी शामिल रहते हैं. नतीजा होता है कि वही मामला सामने आ पाता है, जिसे सिंडिकेट के लोग सामने लाना चाहते हैं.

वाहनों के पासिंग कोड का होता है इस्तेमाल

सिंडिकेट के लोग ही मुखबिरी भी करते हैं और जब सब कुछ सही नहीं रहता तो इसकी सूचना एजेंसियों तक पहुंचाते हैं, और फिर पुलिस के रिकॉर्ड में मामले दर्ज हो जाता है. अभी कुछ माह पहले निरसा में जब्त गांजा का मामला सबके सामने है ,जिसमें एक व्यक्ति को उलझाने के लिए निरसा में गांजा जब्ती दिखाया गया. कोल तस्करी की तर्ज़ पर पशु तस्कर भी अपने सिंडिकेट के जरिये काम करते हैं. जिस प्रकार बंगाल झारखंड सीमा पर अवैध कोयला लदे वाहनों को पार कराने के लिए पासिंग कोड का इस्तेमाल होता है, उसी प्रकार पशु तस्करी के लिए भी वाहनों के पासिंग कोड का इस्तेमाल किया जाता है. ये पासिंग कोड सिंडिकेट के लोग ही जारी करते हैं और पशु लदे जितने वाहन जिन थानों से गुजरते हैं, बाद में उस हिसाब से पैसे का भुगतान कर दिया जाता है. सिंडिकेट के लोगों को भी इसमें हिस्सेदारी मिलती है. इस सिंडिकेट की अनुमति के बिना पत्ता भी नहीं खड़कता है.   

सिंडिकेट के सामने सब नतमस्तक

जानकारी के अनुसार सिंडिकेट और पशु तस्करों के तार बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड के विभिन्न जिलों से जुड़े हुए हैं. झारखंड होकर पश्चिम बंगाल जाने के रास्ते कई हैं, लिहाजा सिंडिकेट भी कई तरह से काम करते हैं और सबका अपना अपना इलाका होता है. जानकारी के अनुसार बिहार, उत्तर प्रदेश से आने वाली गाड़ियों को धनबाद के बॉर्डर पर जीटी रोड के किनारे  एक जगह रोक लिया जाता है और फिर शाम होने का इंतजार किया जाता है. रात होने के बाद गाड़ियां निकलती हैं, साथ में सिंडिकेट के लोग आगे पीछे चलते हैं और गाड़ियों को सुरक्षित बंगाल बॉर्डर तक पहुंचा देते हैं. बंगाल में गाड़ियां  प्रवेश करती हैं और फिर पशुओं को बांग्लादेश भेज दिया जाता है. धनबाद में तोपचांची ,राजगंज ,गोविंदपुर ,और निरसा में जीटी रोड के किनारे इसके अस्थाई पड़ाव रहते हैं.

रोज ढाई सौ से 300 छोटी -बड़ी गाड़ियां गुजरती हैं

एक अनुमान के अनुसार प्रतिदिन ढाई सौ से 300 छोटी -बड़ी गाड़ियां जी टी रोड से गुजरती हैं. पशुओं को ढोने लिए कंटेनर तक का इस्तेमाल किया जाता है. कुछ तस्कर तो इतने चतुर और चालाक होते हैं ,जो किसी मेले से पशु खरीद का चालान पास में रखते हैं और कहीं मामला बिगड़ने पर चालान को सामने रखकर पशुओं को छुड़ा लेते हैं. अभी तीन चार महीने पहले तोपचांची थाने में कई वाहनों को जब्त किया गया था और लगभग 200 पशुओं को उतारा गया था. उन पशुओं को गौशाला के जिम्मे  में दे दिया गया. सूत्र बताते हैं कि जीटी रोड के गोविंदपुर, निरसा, मैथन में दर्जनों लोग ऐसे मिल जाएंगे जो देखते देखते अकूत संपत्ति के मालिक बन गए हैं. सूत्र यह भी बताते हैं कि मैथन के बंगाल बॉर्डर पर हर रात सिंडिकेट के लोगों की सक्रियता रहती है.

क्या कहते हैं हरि प्रकाश लाटा

धनबाद जिला भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा कार्यसमिति के सदस्य हरि प्रकाश लाटा का कहना है कि गौ तस्करी का खेल लाखों नहीं बल्कि करोड़ों का है. झारखंड में जब भाजपा की सरकार थी तो गौ तस्करी पर बहुत ही कार्रवाई हुई थी लेकिन अभी तो झारखंड सरकार का इस पर कोई ध्यान ही नहीं है. लाटा कहते हैं कि गोधन की अंतरराष्ट्रीय तस्करी हो रही है. हरियाणा तक से पशु आ रहे हैं और तोपचांची से लेकर मैथन तक तस्करी का मुख्य केंद्र बन गया है. यह पशुधन बंगाल के रास्ते बांग्लादेश  जाता है और इस धंधे में सब कोई शामिल है. झारखंड सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए. 

भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष मुकेश पांडे का कहना है कि केवल उत्तरी छोटानागपुर ही नहीं ,पूरे झारखंड में गोवंश की तस्करी हो रही है. झारखंड के तोपचांची से लेकर मैथन के रास्ते में जो भी थाने पड़ते हैं ,उनकी तो बल्ले बल्ले है. उन्होंने कहा कि गौ तस्करी पर रोक लगाने के लिए उनका संगठन एसएसपी सहित ग्रामीण एसपी को ज्ञापन सौंप कर तोपचांची  से मैथन तक गौ तस्करी पर रोक लगाने की मांग कर चुका है, फिर एक बार उनकी कोशिश होगी कि प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर गौ तस्करी पर रोक लगाने की मांग की जाए, मुकेश पांडे ने साफ कहा कि बिना पुलिस की मदद से यह काम हो ही नहीं सकता.

रिपोर्ट : सत्य भूषण सिंह ,धनबाद

Published at:28 Jan 2022 02:27 PM (IST)
Tags:News
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.