धनबाद(DHANBAD) : धनबाद सहित डीवीसी के कमांड एरिया के 7 जिलों में पावरकट के खिलाफ लोगों का आक्रोश अब चरम पर है. लोग अब इसे बर्दाश्त करने को कतई तैयार नहीं हैं. विभिन्न स्तरों पर इसका विरोध शुरू हो गया है. लोग पूछ रहे हैं कि डीवीसी और बिजली वितरण निगम के बीच की लड़ाई में जनता को क्यों परेशान किया जा रहा है. क्या बिजली देना झारखंड सरकार की जिम्मेवारी नहीं है? अगर सरकार कुछ नहीं कर पाती है तो उद्योग- धंधे चलाने वाले अपने संस्थानों में ताला लगा कर चाबी मुख्यमंत्री को तो दे ही सकते हैं.
विधायक गुरुवार से 72 घंटे के धरने पर बैठेंगे
धनबाद की हालत यह है कि 14 से 15 घंटे तक पावर कट हो रहा है. बिजली संकट के खिलाफ धनबाद के भाजपा विधायक राज सिन्हा कल गुरुवार से 72 घंटे का रणधीर वर्मा चौक पर धरना शुरू करेंगे. विधायक ने कहा कि पानी अब बिल्कुल सिर के ऊपर से बह रहा है. मुख्यमंत्री से बात की, विभागीय अधिकारियों को परेशानी बताई, उपायुक्त से बात हुई, मीटिंग हुई लेकिन समस्या बढ़ती चली गई. लाचार होकर अनशन करने का निर्णय लिया है. उनके इस निर्णय का प्रदेश स्तरीय नेताओं ने समर्थन किया है. चेंबर के लोगों ने भी साथ देने का भरोसा दिया है. इधर मंगलवार को धनबाद जिला चेंबर के सदस्यों के साथ रामगढ़ चेंबर सहित अन्य चेंबर के सदस्यों ने बैठक की और बैठक में यह तय हुआ कि 28 तारीख को कमांड एरिया के चेंबर सदस्य रामगढ़ में बैठेंगे और आंदोलन का कोई बड़ा रूपरेखा तय करेंगे.
डीवीसी के कमांड एरिया में पिछले 3 महीनों से हालत खराब परेशान
रामगढ़ चेंबर के अध्यक्ष पंकज तिवारी ने कहा कि डीवीसी के कमांड एरिया में पिछले 3 महीनों से हालत खराब है. उद्योग-धंधे चौपट हो गए हैं, दुकानदारी खत्म हो गई है ,सरकार सिर्फ झूठे आश्वासन दे रही है. उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि हम लोगों ने जिस उद्देश्य और भरोसे से युवा और ऊर्जावान व्यक्ति को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया, अब लग रहा है कि उन लोगों ने भूल कर दी. क्योंकि उद्योग लगाने, रोजगार देने की जो बातें सरकार कह रही है, वह पूरी तरह से बेईमानी है. बैंक मोड़ चेंबर के अध्यक्ष प्रभात सुरोलिया ने कहा कि जिस तरह से पिछली सरकार बिजली के प्रति नकारा बनी रही, उसी तरह वर्तमान सरकार में भी बिजली संकट बना हुआ है. उन्होंने कहा कि उद्योग व्यवसाय चलाने वालों को सड़क पर आकर सरकार को नींद से जगाना होगा, नहीं तो अब झारखंड का भला नहीं हो सकता और न यहां के लोगों का.
रिपोर्ट : अभिषेक कुमार सिंह ,ब्यूरो हेड ,धनबाद
