धनबाद(DHANBAD)- सड़क दुर्घटना के बाद जो व्यक्ति चार साल से लाचार होकर बिस्तर पर पड़ा था, उसे कोविशील्ड के एक डोज ने खड़ा कर दिया. बोलने के लायक बना दिया. आप भरोसा करे या नहीं लेकिन बात बिलकुल सच है. बोकारो के सिविल सर्जन डॉक्टर जीतेन्द्र कुमार सिंह ने बुधवार को The Newspost को फ़ोन पर बताया कि मामला बोकारो ज़िले के पेटरवार का है. उन्हें भी ये सूचना मिली थी. पेटरवार के मेडिकल अफसर को उन्होंने कहा है कि,उस मरीज की पूरी केस हिस्ट्री का पता करें कि वे कब से बिस्तर पर थे और डोज पड़ने के बाद कैसे उनके शरीर में बदलाव आया, और जांच कर पूरी रिपोर्ट दें. ताकि वैज्ञानिक रुप से इस मामले की जांच हो सके.
शोध का मामला बताया सिविल सर्जन ने
पेटरवार के मेडिकल अफसर ने कहा कि सही में ये शोध का मामला है. इस परिवर्तन से न सिर्फ उनके परिवार और गांव वाले आश्चर्यचकित हैं बल्कि चिकित्सक भी हैरान हैं. ये सब कैसे हो गया, तो इसका तात्कालिक जवाब है कोविशील्ड का एक डोज. सटीक जानकारी तो आने वाले दिनों में ही मिलेगी, जब चिकित्सा जगत दुलारचंद मुंडा की बीमारी और उसकी रिकवरी पर शोध करेगा. बता दें कि बोकारो जिले के पेटरवार स्थित सलगाडीह गांव के अपने घर में चार साल से 55 वर्षीय दुलारचंद मुंडा बिछावन पर पड़े थे. .
चार साल पहले हुई थी दुर्घटना
चार साल पहले दुलारचंद की सड़क दुर्घटना हुई. जिसके बाद उनका पूरा शरीर अकड़ गया था. वे बिछावन पर लाचार पड़े हुए थे, बोल भी नहीं पा रहे थे. परिवार वाले इलाज के लिए बाहर ले गए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. इजाल के लिए घर की पुस्तैनी जमीन तक बिक गई, मगर दुलारचंद बिछावन से उठ नहीं पाए. बता दें कि 6 जनवरी को उन्हें कोविशील्ड का पहला डोज दिया गया, इसके बाद उनकी बोली लौट आई . वे खड़े होने भी लगे हैं. हालांकि वे अभी चलने की स्थिति में नहीं है. मुखिया के पति महेंद्र मुंडा का कहना है कि सूई लेने के पहले दुलारचंद मुंडा न चल पा रहे थे,न बोल पा रहे थे लेकिन सूई लेने के बाद हो सकता है कि उनका इम्युनिटी पावर बढ़ गया हो और उनको लाभ हुआ हो. साथ ही उन्होंने बताया कि गांव में घर -घर का वेक्सीनेशन का काम चल रहा है, इसी क्रम में दुलारचंद मुंडा का भी वेक्सीनेशन हुआ और चमत्कार हो गया.
रिपोर्ट: अभिषेक कुमार सिंह ,ब्यूरो हेड ,धनबाद
