☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

जब अपमान पर बिफर पड़ी पूर्व केंद्रीय मंत्री रीता वर्मा....

जब अपमान पर बिफर पड़ी पूर्व केंद्रीय मंत्री रीता वर्मा....

धनबाद (DHANBAD) : धनबाद में नया-नया तैयार हुए गोल्फ ग्राउंड स्टेडियम के मुख्य गेट पर शहीद रणधीर वर्मा की जगह स्वर्गीय रणधीर वर्मा का बोर्ड लगाया गया है. शहीद रणधीर वर्मा के इस अपमान को देखकर उनकी पत्नी और पूर्व केंद्रीय मंत्री रीता वर्मा बिफर पड़ी. उन्होंने कहा कि चार दिन के लिए अधिकारी आते हैं और लगते हैं मनमानी करने. नगर निगम के नगर आयुक्त को उन्होंने आड़े हाथों लिया और पूछा कि क्या नगर आयुक्त को नहीं मालूम है कि शहीद रणधीर वर्मा कौन थे, धनबाद के लोगों ने उनको कितना सम्मान दिया और आज भी वह धनबाद के लोगों के दिल और दिमाग पर राज करते हैं, बावजूद इसके पहले तो नाम ही हटा दिया गया. फिर जब धनबाद की संवेदनशील जनता ने इसका विरोध शुरू किया तो नाम बदला गया और अब शहीद की जगह उन्हें स्वर्गीय बताया जा रहा है. रीता वर्मा ने आज 30वीं शहादत दिवस पर रणधीर वर्मा चौक पर अपने पट्टी और शहीद रणधीर वर्मा को श्रद्धांजलि देने पहुंची थी. जहां उन्होंने अपनी पीड़ा बताई.

विधायक ने भी जताई आपत्ति

धनबाद विधायक राज सिन्हा ने भी इस मुद्दे पर घोर आपत्ति जताई है और कहा कि रणधीर जी किसी राजनैतिक पार्टी के नहीं थे. बल्कि उन्होंने देश के लिए शहादत दी है. निगम को ऐसा नहीं करना चाहिए. इधर धनबाद उपायुक्त संदीप सिंह ने कहा कि इस गलती को तत्काल सुधार लिया जाएगा. आपको बता दें कि शहीद रणधीर वर्मा के नाम पर ही गोल्फ ग्राउंड स्टेडियम है. 3 जनवरी 1991 को पंजाब के भगोड़े आतंकवादियों से लड़ते हुए धनबाद के बहादुर पुलिस अधीक्षक रणधीर वर्मा शहीद हो गए थे. बता दें कि रीता वर्मा धनबाद लोकसभा से चार बार सांसद रह चुकी हैं. वह केंद्रीय मंत्री भी रही थी. उन्होंने निगम की इस करतूत को शहीद का अपमान बताया तथा कहा है कि अगर अधिकारी सम्मान दे नहीं सकते हैं तो उन्हें अपमान करने का भी कोई अधिकार नहीं है.  

रिपोर्ट : अभिषेक कुमार सिंह, ब्यूरो हेड (धनबाद)

Published at:03 Jan 2022 04:49 PM (IST)
Tags:News
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.