✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. News Update

सीएम हेमंत सोरेन से स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को हटाने की क्यों मांग कर रहे हैं विधायक सरयू राय , देखिए विशेष साक्षात्कार में

BY -
Anni Amrita  Jamshedpur
Anni Amrita Jamshedpur
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 14, 2026, 2:28:32 PM

जमशेदपुर ( JAMSHEDPUR) -  विधायक सरयू राय वर्तमान सरकार के खिलाफ भी ठीक वैसे ही विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं जैसे वे रघुवर दास सरकार के समय करते थे. यही सरयू राय की पहचान रही है, बगैर लाग लपेट के तथ्यों के साथ अपने सवाल उठाना. इन दिनों वे लगातार हेमंत सरकार से स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. वे लगातार झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग को कटघरे में खड़ा करते हुए ट्वीट कर रहे हैं. उनके ट्वीट चर्चा का विषय बना हुआ है.  उन्होंने झारखंड कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से भी स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता की शिकायत की है. 

सरयू राय की ट्वीट 

1. अपनी सरकार के पूरा होने पर हेमंत सरकार ने कहा है कि वे स्वास्थ्य औऱ शिक्षा को प्राथमिकता देंगे. बधाई, आप वाकई गंभीर हैं तो नियम कानून की धज्जी उड़ाने, दोषियों को बचाने, भ्रष्ट आचरण करने, विधानसभा की अवमानना एवं विशेषाधिकार हनन करनेवाले स्वास्थ्य मंत्री को बदलिए”

2. झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग के कतिपय कारनामों से मैंने झारखंड कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को भी अवगत कराया है, विधानसभा में इनके नेताओं को भी बताया है कि स्वास्थ्य मंत्री की करतूतों पर लगाम लगाईए नहीं तो झारखंड का जन स्वास्थ्य तो बिगड़ेगा ही , झारखंड सरकार का दामन भी दागदार होगा.”

3. सीएम हेमंत सोरेन राज्य के 24 जिलों में योग्य एवं स्थाई सिविल सर्जन नियुक्त करें, प्रभारियों औऱ दागियों को हटाएं, अनियमित ट्रांसफर-पोस्टिंग बंद कराएं.बतायें कि स्वास्थ्य विभाग के कारनामों के बारे में जो सवाल मैं उठा रहा हूं वह सही है या स्वास्थ्य मंत्री जो कर रहे हैं वह सही है? “

4.  हेमंत सरकार स्वास्थ्य सेवा में सुधार लाने पर गंभीर है तो सीएचसी, पीएचसी, सदर एव अन्य सरकारी अस्पतालों को मजबूत करें, दवा माफिया को कंट्रोल करें.नहीं तो रांची के दवाई दोस्त जैसी सस्ती दवाओं की दुकानें स्वास्थ्य विभाग बंद कराता रहेगा, जन औषधि केन्द्र को खुलने/चलने नहीं देगा.”

5. हेमंत सरकार स्वास्थ्य विभाग को खून का व्यवसाय करने से रोकिए. ब्लड बैंक में जमा खून लाखों स्वैच्छिक रक्तदाताओं का है.विभाग ने इसकी प्रति यूनिट कीमत सरकारी अस्पतालों को 1050 और निजी अस्पतालों को 1450 वसूलने का आदेश कर दिया है. धनबाद जैसे जिले मरीजों से कीमत लेने लगे हैं.”

स्वास्थ्य मंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप

 जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने विधानसभा अध्यक्ष से स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग की है. इस संबंध में उन्होंने विस अध्यक्ष रविन्द्र नाथ महतो को पत्र भी लिखा है. पत्र में सरयू राय ने विस के शीतकालीन सत्र और पूर्व  में भी उठाए गए प्रश्नों को लेकर मंत्री पर भ्रामक उत्तर देकर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया है.सरयू राय का कहना है कि कार्रवाई की बजाए मंत्री ने दोषी अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार देकर प्रोत्साहित ही किया है और ये आचरण विधि के विरूद्ध है.

क्या है पूरा मामला


दरअसल 20-21 दिसंबर को विधायक सरयू राय के एक ही प्रश्न का दो तरह का उत्तर देने के लिए विस अध्यक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को फटकार लगाई थी.श्री राय के प्रश्न पर मंत्री ने कहा कि फरवरी 2020 से लेकर जुलाई 2020 के बीच मेडिट्रीना अस्पताल आदित्यपुर, और ब्रह्मानंद नारायणा तामोलिया मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत सूचीबद्ध नहीं थे, जबकि पहले ये कहा था कि सूचीबद्ध हैं. दरअसल सरयू राय ने पूरे दस्तावेजों के साथ अपने प्रश्न रखे थे जिससे ये साबित हो रहा था कि ये अस्पताल सूचीबद्ध नहीं थे फिर भी सरकार से लाभ लिया गया.इस प्रकरण के बाद सरयू राय ने विधान सभा अध्यक्ष को पत्र लिखते हुए मंत्री बन्ना गुप्ता के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग की.उन्होंने सदन में स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव रखा.सरयू राय ने ये भी लिखा है कि मंत्री बन्ना गुप्ता नियम कानून को ताक पर रखकर पूर्वी सिंहभूम जिला के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ एके लाल पर कृपा बरसा रहे हैं.  जबकि सिविल सर्जन पर दोष सिद्ध है. विभागीय जांच अधिकारी ने बर्खास्तगी की अनुशँसा की है. लेकिन उन्हें बर्खास्त करने की बजाए प्रभारी सिविल सर्जन बनाया गया. सरयू राय ने कहा कि कानून को ठेंगा दिखानेवाले व्यक्ति को मंत्रीपरिषद में रहने का कोई अधिकार नहीं है.
    दोष सिद्धि अधिकारी अरविन्द कुमार लाल ने बिना नौकरी से इस्तीफा दिए 2005 में बिहार विधानसभा चुनाव में 80-झंझारपुर का चुनाव लड़ा है. अपने नामांकन के शपथ पत्र में इस बात को छुपाया कि वे सरकारी सेवक हैं. सरयू राय ने लिखा है कि 2005 में ही उसी राजनीतिक दल से विभागीय मंत्री बन्ना गुप्ता ने तब जमशेदपुर पश्चिम सीट से चुनाव लड़ा था.मामले में दोष सिद्धि होने के बावजूद पुराने राजनीतिक संबंधों के आधार पर कार्रवाई की बजाए डॉ एके लाल को मंत्री ने पूर्वी सिंहभूम जिले का प्रभारी सिविल सर्जन बना दिया. 

स्वास्थ्य मंत्री पर दिए गए बयानों पर द न्यूज पोस्ट की जमशेदपुर ब्यूरो चीफ अन्नी अमृता ने विधायक सरयू राय से बात की... देखिए वीडियो  

 

Tags:News

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.