✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. News Update

इम्तियाज़ अली पहुंचे अपने शहर जमशेदपुर, खान बंधुओं को भी किया याद

BY -
Shreya Gupta
Shreya Gupta
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 13, 2026, 8:48:03 PM

जमशेदपुर (JAMSHEDPUR) - फिल्म निर्माता निर्देशक कथाकार इम्तियाज अली अपने निर्देशक भाई साजिद अली और उनकी धर्मपत्नी के साथ गुरुवार को साकची गुरुद्वारा पूरी तरह सिख स्वरूप में पहुंचे. वे पूरी तरह पंजाब की साझी संस्कृति में ढले हुए नजर आए और यहां उन्होंने गुरुओं, पीरों और संतो की बात की. उन्होंने गुरु घर में माथा टेका और गुरु गोविंद सिंह जी के पिता गुरु तेग बहादुर जी, मां बीबी गुजर कौर, चारों बेटे बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह,  बाबा जीवन सिंह रंगरेटा और अन्य शहीदों को याद कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया.

जमशेदपुर में बिताए लम्हों की याद

गुरुद्वारा साहिब में झारखंड गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान शैलेंद्र सिंह, साकची गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान हरविंदर सिंह मंटू एवं सांझी आवाज के संयोजक सतवीर सिंह सोमू ने उन्हें शहादत पखवाड़े के बारे में जानकारी दी और भविष्य में जमशेदपुर में कोई बड़ा कार्यक्रम में शामिल होने को कहा. झारखंड विकास मंच के अध्यक्ष गुरदीप सिंह व अन्य से बातचीत करते हुए इम्तियाज़ अली ने जमशेदपुर में बिताए गए लम्हों को याद किया और बताया कि वे पंजाब से सीधे शहर आए हैं. उनके अनुसार पंजाब की मिट्टी और पानी में कुछ ऐसी शक्ति और कुदरत की देन है कि सदियों से हमलावर और देश के बंटवारे के दर्द के बावजूद यह प्रफुल्लित और खुशहाल है. गुरुओं पीरों फकीरों संतों की वह पवित्र धरती में ऐसी बात है कि फिल्मकारों को वहां का गीत, संगीत, परंपरा और विरासत को फिल्म का हिस्सा बनाना पड़ता है और फिल्म हिट हो जाती है. वहीं उन्होंने बताया कि स्वर्ण मंदिर के शिलान्यास रखनेवाले साईं मियां मीर, पीर बुधु शाह एवं गुरु गोविंद सिंह जी, उनकी रक्षा करने वाले गनी खान और नबी खान, सूफी संत बाबा फरीद सांझी संस्कृति के प्रतीक हैं.

इम्तियाज के साथ सेल्फी

इस मौके पर मानगो गुरुद्वारा के प्रधान भगवान सिंह, रॉकी सिंह, रिख राज सिंह, बिट्टू सिंह, दमनप्रीत सिंह, चंचल भाटिया, इंदर सिंह इंदर, कुलविंदर सिंह, सिख यूथ दल के रविंद्र सिंह रिंकू एवं अन्य उपस्थित थे. साकची गुरुद्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित करने पहुंचे फिल्म निर्माता निर्देशक इम्तियाज अली और उनके भाई साजिद अली और साजिद अली की पत्नी को लोगों ने नहीं पहचाना. इम्तियाज अली ने पीले रंग की पगड़ी धारण कर रखी थी. वे पूरे तौर पर एक सिख के रूप में नजर आ रहे थे. लेकिन गुरुद्वारा पहुंचे जब लोगों को मालूम हुआ कि फिल्मकार इम्तियाज अली है, तो उन्होंने उनके साथ अपने मोबाइल कैमरे से फोटो खींची और सेल्फी भी ली. गुरुद्वारा के स्टाफ के साथ भी इम्तियाज अली ने फोटो खिंचवाई तथा उनका शुक्रिया अदा किया.

रिपोर्ट : अन्नी अमृता, जमशेदपुर

Tags:News

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.