लोहरदगा (LOHARDAGA)- आईईडी ब्लास्ट से एक ग्रामीण हेसाग गांव निवासी सुपाल तुरी की मौत होने की खबर सामने आई है. मामला सेरेंगदाग थाना क्षेत्र के चपाल जंगल का है. बता दें कि माओवादियों ने सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के मकसद से आइइडी लगायी थी. इस खबर की पुष्टि डीएसपी मुख्यालय परमेश्वर प्रसाद ने की है.
बांस काटने गया था जंगल
आईईडी की चपेट में आने से मृत ग्रामीण सुपाल तुरी का शव लोहरदगा सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया है. चिकित्सक आरपी साहू के द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया गया था. इस संबंध में परिजनों ने बताया कि कल सुपाल तुरी बांस काटने जंगल गए थे. सेरेंगदाग थाना क्षेत्र के चपाल जंगल में बांस काटने का कार्य करने गए थे. इसी क्रम में आईईडी की चपेट में आ गए. परिवार वालों को जब इसकी सूचना मिली तो वे घटनास्थल से इन्हें उठाकर ले गए. इन्हें इलाज के लिए लोहरदगा सदर अस्पताल लाने की तैयारी की जा रही थी. इसी क्रम में इनकी मौत हो गई.
परिजनों में नक्सलियों के प्रति आक्रोश दिख रहा है. परिजनों का कहना है कि रोजी रोटी के लिए यह जंगलों में बांस काटते हैं क्योंकि तुरी समाज से जुड़े होने की वजह से इनके द्वारा बांस का सूप और दौरा बनाने का कार्य किया जाता है. इन्होंने कहा कि लगातार इनके घर और गांव वाले लोग बांस काटने इन जंगलों में जाते हैं. पहले भी आईईडी की चपेट में आने से ग्रामीणों की मौत इन जंगलों में हुई है.
रिपोर्ट : गौतम लेनिन, लोहरदगा
