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गटक लिए शौचालय के 30 करोड़ रुपए, अब चार दिनों के अंदर प्रमाण पत्र का देने का निर्देश

गटक लिए शौचालय के 30 करोड़ रुपए, अब चार दिनों के अंदर प्रमाण पत्र का देने का निर्देश

चतरा (CHATRA) - जिले के 200 से अधिक स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण जल स्वच्छता समिति ने शौचालय निर्माण के करीब 30 करोड़ रुपए गटक लिये हैं. इनमें से तीन दर्जन संस्थाओं के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष के खिलाफ सर्टिफिकेट केस किया गया है. इन संस्थाओं पर बिना शौचालय बनाए करीब चार करोड़ रुपए गटकने का आरोप है. यह मामला जिला जल स्वच्छता समिति के सचिव सह कार्यपालक अभियंता राजमोहन सिंह ने जिला नीलाम कार्यालय में दर्ज कराई है. इसके बाद और 154 संस्थाओं के खिलाफ सर्टिफिकेट केस करने की तैयारी की जा रही है. इन संस्थाओं पर करीब 14 करोड़ रुपए का वित्तीय अनियमितता का आरोप है.

चार दिनों के अंदर प्रमाण पत्र जमा करने का आदेश

विभाग ने इन संस्थाओं को चार दिनों के अंदर शौचालय निर्माण से संबंधित उपयोगिता प्रमाण पत्र कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया गया है. निर्धारित समय के अंदर उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं करने वाले संस्थाओं के खिलाफ राशि गबन करने का सर्टिफिकेट केस किया जाएगा. उल्लेखनीय है कि जिला जल स्वच्छता समिति ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत गांवों में शौचालय निर्माण कराने के लिए स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण जल स्वच्छता समिति के करीब 200 सस्थाओं को करोड़ रुपए अग्रिम राशि दिए थे. लेकिन राशि दिए जाने के तीन साल बीत जाने के बावजूद संस्थाओं ने करीब 30 करोड़ रुपए का उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं किया है. अब विभाग इस राशि को वसूलने के लिए जिला नीलाम कार्यालय में सर्टिफिकेट केस कर रही है. वहीं 200 संस्थाओं में से 70 संस्थाओं के खिलाफ सर्टिफिकेट केस दर्ज किया जा चुका है. शेष संस्थाओं को तीन दिनों के अंदर उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने का नोटिस दिया है. ऐसा नहीं करने वाले संस्थाओं के खिलाफ प्राथमिकी और सर्टिफिकेट केस किया जाएगा.

203 शौचालय का 24 लाख 36 हजार गटकने का आरोप

पीएचईडी विभाग ने 70 संस्थाओं के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष के खिलाफ सर्टिफिकेट केस किया है. इनमें अखंड ज्योति निक्की स्वयं सहायता समूह पर 203 शौचालय का 24 लाख 36 हजार गटकने का आरोप है. इसके कारण संस्था के अध्यक्ष उषा कुमारी, सचिव माधुरी कुमारी और कोषाध्यक्ष सुमन देवी के विरुद्ध सर्टिफिकेट केस किया गया है. अखंड ज्योति स्वयं सहायता समूह घुरनाडीह पर 207 शौचालय का 24.84 लाख हजम करने का आरोप है. इसके अध्यक्ष सुचिता देवी, सचिव बसंती देवी और कोषाध्यक्ष बबीता देवी के खिलाफ सर्टिफिकेट केस किया गया है. अखंड ज्योति स्वयं सरस्वती सहायता समूह के अध्यक्ष रेणु देवी, सचिव प्रियंका सिंह और कोषाध्यक्ष शोभा सिंह के खिलाफ भी सर्टिफिकेट केस किया गया है. इस संस्था पर 95 लाख लाख गटकने का आरोप है. इसी तरह अखंड ज्योति सुरभि करमा जोरी पर 70 लाख, अखंड ज्योति कौलेश्वरी जोरी पर 28.56 लाख, अखंड ज्योति करमा स्वंय सहायता समूह पर 32 लाख 64 हजार गबन करने सहित अन्य संस्थाओं के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष के विरुद्ध सर्टिफिकेट केस किया गया है.

समूहों को जारी नोटिस

जिन समूहों को नोटिस भेजा गया है. उन्हें 11 जनवरी को हाजिर होने का आदेश जिला नीलाम पदाधिकारी ने जारी किया है. स्वयं सेवी संस्था और ग्राम जल स्वच्छता समिति के 70 संस्थाओं के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष के खिलाफ सर्टिफिकेट केस किया गया है. इन्हें नोटिस भेज दिया गया है. सभी को 11 जनवरी को कार्यालय में उपस्थित होकर जवाब देने को कहा गया है. इसके बाद उनके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा. इसके बाद भी सरकारी राशि जमा नहीं करते हैं तो घर कुर्क किया जाएगा.

सर्टिफिकेट केस की तैयारी

जिला जल स्वच्छता समिती के सचिव सह पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता राजमोहन सिंह ने बताया कि और 154 संस्थाओं के खिलाफ सर्टिफिकेट केस करने की तैयारी की जा रही है. तीन दिनों के अंदर उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने का नोटिस दिया गया है. इसके बाद सर्टिफिकेट केस किया जाएगा. बहरहाल इतने बड़े पैमाने पर सरकारी राशि का गबन करने वाले घोटालेबाजों और स्वयंसेवी संस्थाओं के संचालकों पर क्या कार्रवाई होती है यह तो आने वाला समय ही बताएगा. लेकिन इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि विगत 3 वर्षों में इतने बड़े पैमाने पर पीएचडी विभाग को चुना लगाने वाले संस्थाओं के संचालकों को विभागीय संरक्षण भी जरूर मिला होगा. अगर जांच हुई तो संरक्षकों के नाम का भी खुलासा जरूर होगा.

रिपोर्ट : संतोष कुमार, चतरा

Published at:23 Dec 2021 04:56 PM (IST)
Tags:News
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