टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : पारा शिक्षकों द्वारा लंबे समय से चल रहा आंदोलन समाप्त हो चुका है. सरकार ने पारा शिक्षकों की मांग मानते हुए पारा शिक्षकों को 60 वर्ष का सेवा स्थायीकरण, TET पारा शिक्षकों को 50% तथा NON TET पारा शिक्षकों को 40% मानदेय वृद्धि, आकलन परीक्षा पास करने के बाद 10% मानदेय वृद्धि बोनस के रूप में मिलने, इसके साथ ही प्रतिवर्ष 4% का वेतन बढ़ोतरी और पारा शिक्षकों का नाम अब सहायक अध्यापक किए जाने का निर्णय लिया है.
सरकार के इस फैसले के बाद झारखंड राज्य प्रशिक्षित पारा शिक्षक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात की और इस निर्णय के लिए उन्हें धन्यवाद दिया. प्रतिनिधिमंडल ने पारा शिक्षकों के लिए इसे हर्ष का दिन बताया. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत कई वर्षों से पारा शिक्षकों की मांगों पर विचार नहीं किया जा सका था, परंतु हमारी सरकार ने पारा शिक्षकों के दर्द और समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए मांगों को लेकर एक सकारात्मक रास्ता ढूंढने का काम किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हम सभी लोग साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे. आप सभी पारा शिक्षक आने वाली पीढ़ी को दिशा देने का काम करने वाले लोग हैं. राज्य के सर्वांगीण विकास में आपकी भूमिका अहम है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सभी प्रकार की नियुक्तियों में 75% स्थानीय लोग शामिल हो, यह कानून बना रही है. हमारी सोच है कि झारखंड को अपने पैरों पर खड़ा करें. यहां के लोग सम्मान के साथ जीवन यापन करें. इस निमित्त कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है.
रिपोर्ट: समीक्षा सिंह, रांची डेस्क
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