☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

करोड़ों के दर्जनों वाहन कबाड़खाना में, फिर भी नई वाहनें खरीदने की तैयारी में धनबाद नगर निगम

करोड़ों के दर्जनों वाहन कबाड़खाना में, फिर भी नई वाहनें खरीदने की तैयारी में धनबाद नगर निगम

धनबाद(DHANBAD) - निगम की करोड़ों की गाड़ी कबाड़ में तब्दील. जनता के पैसों की बर्बादी देखना हो तो धनबाद आइये. बरटांड़ सरकारी बस स्टैंड के बगल में स्थित कबाड़खाने को देखकर आप भी माथा पीटे बिना नहीं रह पाइएगा. मगर वह कोई कबाड़ खाना नहीं निगम का पार्किंग है. करोड़ों -अरबों की गाड़ियां किस तरह देखरेख के अभाव में मिट्टी में मिल रही है.  दूसरी ओर निगम अपनी आय बढ़ाने के लिए लोगों से टैक्स(कर) का दायरा बढ़ाता जा रहा है.साथ ही साफ़ सफाई के लिए फिर से नई गाड़िया खरीदने की योजना बना रहा है. 

 2010 में JNURM योजना के तहत खरीदी गयी  बस कबाड़ में धूल फांक रही है 
चलिए हम बताते है चीखती चिल्लाती लूट की कहानियां. 2010 में जवाहर लाल नेहरू शहरी रोजगार मिशन योजना(JNURM) के तहत 14 करोड़ की लागत से 70 बसें खरीदी गई थी.  इन बसों में से दो -चार  को छोड़कर बाकी सभी नई बसें रख रखाव और  परिचालन के अभाव में बेकार हो गई है. ये सभी स्वराज मजदा कंपनी की बसें है.  शुरुआती काल में भूतपूर्व सैनिकों को चलाने के लिए बसें दी गई लेकिन वह नहीं चला पाए.  फिर सिटी राइड नामक कंपनी और उसके बाद जेटीडीसी ने बस को चलानी शुरू की  लेकिन वह भी सफल नहीं हुई. और बसें पुनः निगम के गोदाम में पहुंच गई.और आज चिल्ला चिल्ला कर पैसे की बर्बादी की कहानी कह रही है.


वर्ष 2013 -14 में भी खरीदी गयी करोड़ों को गाड़िया 
इतना ही नहीं वर्ष 2013-14 में यहां सफाई का जिम्मा ए टू जेड कंपनी को था ,कंपनी ने  निगम से लगभग 5 करोड की रोड स्वीपिंग से लेकर अन्य कीमती गाड़िया खरीदी गई. बाद में जब निगम के साथ ए टू जेड कंपनी का विवाद हुआ तो वह मामले को लेकर हाई कोर्ट चली गई, जहां  मामला विचाराधीन है. अब लूट की तीसरी कहानी देख लीजिये वर्ष 2018 में रघुवर सरकार में ही धनबाद नगर निगम में करीब साढ़े तीन करोड़ की लागत से रोड स्वीपिंग मशीन गाड़ी ख़रीदी गई ,पूर्व मेयर शेखर अग्रवाल के समय कोयम्बटूर की एक कंपनी रूट्स मल्टीक्लीन से साफ़ सफाई का पांच साल के लिए टेंडर हुआ ,क़रार के अनुसार बड़ी गाड़ी को प्रति किलोमीटर 500 रुपया और छोटी गाड़ी को 450 रुपया प्रति घंटा भुगतान होना तय हुआ.  कम से कम 100 किलोमीटर सड़क रोज साफ़ करना था.  लेकिन 75 लाख की भारी भरकम बिल देखकर भुगतान से पहले निगम हांफने लगी .  2019 के दिसम्बर में कोरोना शुरू होने के साथ मार्च 2020 से उक्त एजेंसी की कार्य बंद है. अभी भी निगम के पास इस कंपनी का 28 लाख रुपया बकाया है.  धनबाद में रूट्स मल्टी क्लीन कंपनी की देख रेख व सहयोगी की भूमिका की जिम्मेवारी मन्नान मल्लिक के पुत्र हुबान मल्लिक के पास थी.  

पूर्व मेयर और हुबान मल्लिक के नज़दीकी संबंध

धनबाद के भाजपा विधायक राज सिन्हा ने भाजपा से जुड़े पूर्व मेयर शेखर अग्रवाल और कांग्रेस के पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक के पुत्र हुबान मल्लिक के नज़दीकी संबंध और एक दूसरे को फ़ायदा पहुंचाने के मुद्दे पर कई बार मीडिया को सार्वजनिक बयान भी दे चूंके है. 

निगम के पास सैकड़ों ट्रैक्टर और अन्य गाड़ी है मौजूद 

यहीं नहीं निगम की जो अपनी गाड़ियां थी, उनको भी चलाने की कोशिश नहीं की गई, परिसर में दर्जनभर ट्रैक्टर व दूसरी गाड़ी खड़े हैं और अब लगभग सड़ कर कबाड़ में तब्दील हो गए.  इस तरह बिना जरूरत की गाड़ियों की खरीदारी क्यों हुई और अगर हुई तो उसका उपयोग क्यों नहीं हुआ ,यह सवाल आज उठ रहा है और निगम के अधिकारियों को जवाब नहीं जुट रहा है.  जनता के पैसों की इस तरह बर्बादी शायद ही कहीं देखने को मिलेगी.  सरकारी विभाग पैसों की रोना रोते हैं लेकिन जनता के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग कैसे करते हैं ,इसे देखने के लिए निगम के कबाड़खाने की तस्वीर देख लीजिए.

सफाई पर प्रति माह दो करोड़ हो रहे है खर्च 

धनबाद नगर निगम में वर्तमान में प्रतिमाह दो करोड़ की लागत से साफ सफाई हो रही है.वहीं निगम की गाड़ियों का उपयोग किया जा रहा है.  धनबाद के भाजपा सांसद पी एन सिंह ने कहा कि जो वाहनों की खरीदारी की गयी है उसपर विभाग की बैठक में मामला उठाया जाएगा. वही भाजपा विधायक राज सिन्हा ने कहा कि निगम में भ्रष्टाचार चरम पर है. अभी हाल ही में डीएमएफटी की बैठक में भी उन्होंने इस मामले को उठाया था. पूर्व मंत्री मन्नान मलिक का कहना है कि साफ-सफाई से लेकर गाड़ियों की खरीद और रखरखाव में भारी कमीशनखोरी है.

रिपोर्ट : अभिषेक कुमार सिंह, ब्यूरो चीफ, धनबाद

Published at:12 Dec 2021 06:01 PM (IST)
Tags:News
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.