सरायकेला (SARAIKELA) : जिले के अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय अमित शेखर की अदालत ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के एक मामले पर फैसला दिया है. सुनवाई करते हुए अभियुक्त जयदेव कुम्हार उर्फ जयदेव कुमार को मामले में दोषी पाते हुए 20 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है.
पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले पर सुनवाई करते हुए उन्होंने जयदेव कुम्हार को दोषी पाते हुए 20 साल सश्रम कारावास और 20 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है. अर्थदंड नहीं दिए जाने की स्थिति में तीन साल अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी. इसी प्रकार भादवि की धारा 366 (ए) के तहत मामले का दोषी पाते हुए आठ साल सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है. अर्थदंड नहीं अदा कर पाने की स्थिति में दो साल अतिरिक्त करावास की सजा भुगतनी होगी. पोक्सो की धारा 4 के तहत मामले का दोषी पाते हुए 10 साल सश्रम कारावास और 20 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है. अर्थदंड नहीं अदा कर पाने की स्थिति में ढाई साल अतिरिक्त करावास की सजा भुगतनी होगी.
फरवरी 2019 का मामला
मामले के संबंध में नाबालिग पीड़िता के पिता द्वारा इस संबंध में थाने में शिकायत की गई थी. इसके अनुसार नाबालिग पीड़िता के पिता अपनी पत्नी के साथ उड़ीसा के भुवनेश्वर में श्रमिक का काम करने गए थे. इस दौरान उनके घर पर उनकी पीड़िता नाबालिग पुत्री सहित एक अन्य छोटी बेटी और एक बेटा था. उनकी अनुपस्थिति में 13 फरवरी 2019 को रात के तकरीबन साढ़े नौ बजे ईचाडीह निवासी उन्नीस वर्षीय जयदेव कुम्हार घर से जबरदस्ती खींचकर उनकी पीड़िता पुत्री को सुखराम कुम्हार के घर में ले गया और जबरन दुष्कर्म करने लगा. इस दौरान शोर मचाने पर जयदेव दुष्कर्म कर भाग गया. घर से बाहर निकलने पर नाबालिग पीड़िता को दरवाजे के पास खड़े सुखराम कुम्हार द्वारा घटना की जानकारी किसी को देने पर उसे और उसके परिवार को जान से मार देने की धमकी दी. इसके बाद 14 फरवरी की सुबह तकरीबन नौ बजे घटना की सूचना पीड़िता नाबालिग द्वारा फोन पर अपने पिता को दिए जाने के बाद पिता अपनी पत्नी के साथ गांव आकर अगल बगल से पूछताछ करते हुए गांव के मुखिया को लेकर जयदेव के घर गए. इस पर वे लोग गाली गलौज और मारपीट करने की धमकी देने लगे. इसके बाद पीड़िता के पिता द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी.
रिपोर्ट: विकास कुमार, सरायकेला
