धनबाद (DHANBAD) के दो झामुमो नेता का आपस में टकराव होने की खबर सामने आई है. जिला और प्रखंड कमेटी के गठन को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है. दोनों के पीछे 'गॉडफादर' की भूमिका क्या है, यह अब धीरे-धीरे स्पष्ट होने लगा है. झामुमो के जिला अध्यक्ष रमेश टुडू और सचिव पवन महतो ने अलग-अलग सूची जारी की है. इस सूची पर केंद्रीय नेतृत्व क्या कहता और करता है, इस पर धनबाद के झामुमो के नेताओं की नजर टिकी हुई है.
गॉडफादर' की होने वाली है अग्नि परीक्षा
इधर, जिला अध्यक्ष रमेश टुडू और सचिव पवन महतो एक दूसरे को पछाड़कर आगे निकलने में जुटे हैं. यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि केंद्रीय कमेटी किसको तरजीह देती है. रोचक बात यह है कि दोनों नेताओं ने जो सूची जारी की है. उनमें नाम अलग-अलग है. जानकार सूत्रों के अनुसार 2 दिन पहले जिला अध्यक्ष ने केंद्रीय पदाधिकारियों और केंद्रीय सदस्यों के साथ बैठक कर जिला समिति और प्रखंड समिति का विस्तार किया था.
दोनों सूची में अलग अलग नाम
इसमें उपाध्यक्ष ,सह सचिव ,संगठन सचिव ,कोषाध्यक्ष, जिला मीडिया, आईटी सेल, कार्यकारिणी सदस्य और विशेष आमंत्रित सदस्यों की घोषणा की गई थी. इस सूची में कुछ पुराने लोगों को हटा दिया गया है. जारी सूची से नाराज सचिव पवन महतो ने भी बुधवार को जिला समिति, प्रखंड समिति के विस्तार की सूची जारी कर दी. इस सूची में ढेरों नाम अलग है, इसमें कई पुराने लोगों को जगह दी गई है और कुछ खास लोगों को स्थान मिला है.
क्या कहते है जिला अध्यक्ष और जिला सचिव
इस संबंध में जिला अध्यक्ष रमेश टुडू का कहना है कि सेंट्रल कमिटी की गाइडलाइन का पालन करते हुए केंद्रीय सदस्यों और पदाधिकारियों के साथ बैठक कर निर्णय के बाद सूची जारी की गई है. यह सूची सर्वमान्य है, सचिव पवन महतो की सूची को नहीं माना जाएगा. सचिव का काम है अध्यक्ष पार्टी हित में जो आदेश देता है. उसका अनुपालन करवाना, न कि अलग कोई काम करना. दूसरी ओर सचिव पवन महतो का कहना है कि उनकी सूची में पुराने लोगों को जगह दी गई है और यही सूची सर्वमान्य है. सेंट्रल कमिटी इसे ही मानेगी.
रिपोर्ट : अभिषेक कुमार सिंह, ब्यूरो हेड, धनबाद
