जमशेदपुर (JAMSHEDPUR) - पूरे 36 घंटे तक जिंदगी और मौत से लड़ने के बाद आखिर सूरज हार गया और टीएमएच में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. इधर पुलिस ने इस मामले में आत्मसमर्पण करने वाले मुख्य आरोपी सोनू सिंह और अन्य आरोपी कमल शर्मा को कांड में स्वीकारोक्ति के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. वहीं तीसरा आरोपी नाबालिग है, जिसे बाल सुधार गृह भेजा गया है.
हत्या का फुल प्रूफ प्लान
मामले को लेकर एसएसपी डॉ एम तमिल वानन ने बताया कि पूछताछ में सोनू ने पुलिस को बताया कि भाजयुमो का महामंत्री बनने के बाद से ही सूरज उसे परेशान करता था. हर काम में रोकता था. जिस वजह से उसने सूरज की हत्या का प्लान बनाया. एसएसपी ने बताया कि जांच और पूछताछ में हत्या के पीछे जमीन विवाद की बात सामने आ रही है.
खून लगा चापड़ बरामद
बता दें कि कुल मिलाकर इस मामले के तीन आरोपियों के पास से पुलिस ने खून लगा चापड़, भुजाली, कपड़े और अपराध में प्रयुक्त मोटरसाइकिलें बरामद कर ली है. बता दें कि कल ही मुख्य आरोपी सोनू सिंह ने बागबेड़ा थाने में सरेंडर कर दिया था, जिसके बाद दबाव पड़ने अन्य दो ने भी आत्मसमर्पण कर दिया था.
आपसी विवाद
जानकारी के मुताबिक आरोपी सोनू के दोस्त ने सूरज के माध्यम से बाईक फाईनैंस कराई थी. जिसकी वह किस्त जमा नहीं कर रहा था. इसी बात को लेकर सोनू और सूरज में विवाद हो गया. हालांकि पहले से भी ज़मीन विवाद चल रहा था. विवाद बढ़ने पर सोनू ने अन्य आरोपियों की मदद से घटना को अंजाम दिया. सोनू दरअसल बिष्टुपुर के तिवारी बेचर में कार्यरत मैनेजर अमरपाल सिंह का बेटा है. पांच दिन पहले ही अमरपाल कोलकाता से इलाज कराकर लौटे हैं. बताया जा रहा है कि पिता पर दबाव बनाने के बाद पिता के कहने पर सोनू ने सरेंडर कर दिया.
गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रशासन पर कड़ा दबाव
बता दें कि 7 दिसंबर को बागबेड़ा थाना क्षेत्र के बड़ा तालाब के पास बाईक पर सवार अपराधियों ने सूरज कुमार पर भुजाली/चापड़ से हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया था. जिसके बाद गंभीर हालत में सूरज को टीएमएच पहुंचाया गया था, जहां आज उसकी मौत हो गई. उधर लगातार भाजपाइयों पर हमले को लेकर भड़के भाजपा नेताओं ने घटना के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रशासन पर कड़ा दबाव बनाया था.
रिपोर्ट : अन्नी अमृता, ब्यूरो हेड, जमशेदपुर
