धनबाद (DHANBAD) का शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पूर्व में पीएमसीएच के नाम से जाना जाता था) के एनेस्थीसिया विभाग के प्रमुख डॉक्टर यूएन वर्मा पर गंभीर आरोप लगा है. एक पारा मेडिकल छात्रा ने उन पर दुराचार के प्रयास का आरोप लगाया है. पारा मेडिकल छात्रा ने अस्पताल के अधीक्षक अरुण कुमार वर्णवाल से लिखित शिकायत की है. इस शिकायत के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया और तरह-तरह की बातें कही जा रही हैं.
परीक्षा में शामिल नहीं होने देने का आरोप
एनेस्थीसिया टेक्निशियन का कोर्स कर रही छात्रा ने अपनी लिखित शिकायत पत्र में कहा है कि डॉक्टर वर्मा अपने निजी क्लीनिक में काम करने के लिए कहा था. उनके कहने पर नर्सिंग होम गई. जहां डॉक्टर वर्मा ने उसके साथ जोर जबरदस्ती कर दुराचार करने की कोशिश की. किसी प्रकार वह इज्जत बचाकर भागी. इसके बाद बदले की कार्रवाई करते हुए डॉक्टर वर्मा उसे फाइनल परीक्षा में शामिल नहीं होने दे रहे हैं. परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि इसी महीने की 10 तारीख को है. सभी छात्र छात्राएं फॉर्म भर चुके हैं लेकिन उसे फॉर्म भरने नहीं दिया जा रहा है. इस घटना की सूचना उसने अपने अभिभावकों को भी दी थी. उसके पिता ने भी अस्पताल प्रबंधन से डॉ वर्मा पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है.
जांच के लिए तीन डॉक्टरों की समिति बनी
इधर पीड़िता की शिकायत मिलने के बाद अधीक्षक डॉ एके वर्णवाल ने मामले की जांच के लिए 3 डॉक्टरों की कमेटी बनाई है. जांच कमेटी में आई विभाग के प्रमुख डॉक्टर रजनीकांत सिन्हा, बायोकेमिस्ट्री विभाग के प्रमुख डॉ एसके वर्मा और गायनी विभाग की चिकित्सक राजलक्ष्मी को शामिल किया गया है.
डॉक्टर वर्मा का कहना है
दूसरी ओर अपने ऊपर लगे आरोपों को डॉक्टर यूएन वर्मा ने खारिज करते हुए कहा है कि 75 फ़ीसदी उपस्थिति नहीं होने और टर्मिनल परीक्षा में शामिल नहीं होने के कारण उक्त पारा मेडिकल छात्रा को परीक्षा में शामिल होने की इजाजत नहीं दी गई है. छात्रा को उन्होंने कभी अपने क्लीनिक में नहीं बुलाया. गलत व्यवहार करने का आरोप भी बेबुनियाद है. छात्रा के पिता राजनीतिक दल से जुड़े हैं. छात्रा गलत आरोप लगाकर नाजायज लाभ उठाने की कोशिश कर रही है. इधर अधीक्षक डॉ एके वर्णवाल का कहना है कि मामले की जांच के लिए कमेटी बना दी गई है. छात्रा की उपस्थिति की जांच कराई जा रही है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
रिपोर्ट : अभिषेक कुमार सिंह, ब्यूरो हेड, धनबाद
