धनबाद (DHANBAD) - झरिया के लोदना में साल 2003 में एक महिला के अपहरण के आरोप में लोदना ओपी पुलिस ने चार लोगों को जेल भेजा था. अब लगभग 19 वर्षों के बाद वह महिला खुद चल कर अपने घर अपने परिजनों के पास वापस पहुंची. बता दें कि महिला के अपहरण के आरोप में सभी 4 लोगों में से एक की सदमे से जान चली गई, जिसमें से दो लोगों की नौकरी चली गई थी.
मेले में गुम गई थी महिला
बता दें कि 2013 में प्रत्येक वर्ष लगने वाले सबसे बड़े मेला रक्षा काली मेला में ही महिला गुम हुई थी. जिसके बाद महिला के परिजन बलराम दास ने राजू मल्हा, रामेश्वर माल्हा, मनोज निषाद और दीपक चौहान के ऊपर अपहरण का मामला दर्ज करवाया था. मामले में चारों आरोपी को जेल भेजा गया था. लगभग 9 महीने जेल में रहने के बाद सभी आरोपी को जमानत मिली थी. वहीं जमानत से छूटने के बाद एक आरोपी की मौत हो गयी.
पुलिस की कार्यशैली पर खड़े हो रहे कड़े सवाल
आज जैसे ही यह महिला लौटी आरोपी के घर वालों ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही अपनी बेगुनाही का सुबूत दिया. अब पीड़ित परिवार इंसाफ की लड़ाई लड़ेगा. वो पुलिस और कोर्ट से न्याय की गुहार लगायेगा. उसकी फ़रियाद बस इतनी है कि उन्हें किस गुनाह की सज़ा मिली. वहीं बिना जांच और पर्याप्त सुबूत के किसी को जेल भेज देना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है. महिला अपहरण की इस रोचक कहानी में और भी कई अनुत्तरित सवाल है.
रिपोर्ट : अभिषेक कुमार सिंह, ब्यूरो चीफ, धनबाद
