गोड्डा (GODDA) - शुक्रवार की सुबह गोड्डा कॉलेज के एक बुजुर्ग लिपिक जो इसी माह के 31 दिसम्बर को सेवानिवृत होने वाले थे, ने दुमका गोड्डा ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी. लिपिक बालमुकुन्द दुबे विगत कुछ दिनों से मानसिक अवसाद से गुजर रहे थे जिसका नतीजा ये हुआ कि आज उन्होंने अपनी जान दे दी.
क्यों थे मानसिक तनाव में बालमुकुन्द
दरअसल इस दुखद अंत की शुरुआत तब हुई जब जिला मुख्यालय के कदवा टोला की एक महिला ने एक दिसम्बर को महिला थाने में लिपिक बालमुकुन्द दुबे के खिलाफ कॉलेज में अपनी बेटी का नामांकन कराने के बदले छेड़छाड़ तथा अश्लील हरकत करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाया गया था. मामला दर्ज होने के बाद बालमुकुन्द मानसिक अवसाद से घिर गए. मामला इतने पर ही नहीं रुका, आरोप लगाने वाली महिला द्वारा बालमुकुन्द के साथ हुई मोबाइल से वार्तालाप की रिकॉर्डिंग को भी वायरल कर दिया गया जिसे कुछ सोशल मीडिया द्वारा और भी ज्यादा तरजीह देते हुए वायरल किया गया. इसे लिपिक झेल नहीं पाए.
विद्यार्थी संगठनों के प्रदर्शन ने भी बढ़ाया अवसाद
एक दिसम्बर को महिला थाना में ये मामला दर्ज होने तक सब कुछ नार्मल था, मगर उसी रात महिला तथा लिपिक की बातें उक्त महिला द्वारा खुद से सोशल मीडिया को उपलब्ध करवायी गई जिसने आग में घी का काम किया. फिर दो दिसम्बर को कॉलेज के छात्र संगठनों द्वारा लिपिक के खिलाफ जमकर जातिगत तथा अश्लील नारेबाजी ने लिपिक दुबे को अन्दर से झकझोड़ डाला.
सभी बिन्दुओं पर होगी जांच : नगर थाना प्रभारी
शुक्रवार की अहले सुबह गोड्डा रेलवे स्टेशन पर बालमुकुन्द दुबे की आत्महत्या की सूचना पर स्टेशन पहुंचे नगर थाना प्रभारी मुकेश पाण्डेय ने बताया कि सोशल मीडिया, महिला की संलिप्तता तथा और भी बिन्दुओ पर जांच करते हुए वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर क़ानूनी कार्यवाई की जाएगी .
आखिर इस आत्महत्या प्रकरण में दोषी कौन ?
बहरहाल भले ही मानसिक अवसाद से गुजर रहे लिपिक दुबे ने अपनी जान दे दी हो, मगर उन्हें इस अवसाद तक पहुंचाने वाला कौन है यह एक बड़ा सवाल है. आरोप लगाने वाली महिला, महिला द्वारा सोशल मीडिया को उपलब्ध कराई गयी ऑडियो-विडियो क्लिप या फिर ऑडियो विडियो वायरल करने वाले सोशल मीडिया या समाज के लोग.
रिपोर्ट : अजीत कुमार सिंह, गोड्डा
