रांची (RANCHI) - झारखंड स्टेट स्टूडेंट यूनियन के बैनर तले मोराबादी बापू वाटिका में सातवीं से दसवीं जेपीएससी में महाघोटाला के विरूद्ध आंदोलन के 33 वें दिन प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया. मौके पर छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो और मनोज यादव ने प्रेस को सम्बोधित करते हुए कहा कि 19 सितंबर को आयोजित सातवीं से दसवीं परीक्षा के द्वितीय पाली 2 बजे से पूर्व हजारीबाग जिला में प्रश्नपत्र लीक हुए हैं. इसका हमारे पास पुख्ता सबूत है. इसी का परिणाम है कि पीटी परीक्षाफल 4293 में सिर्फ हजारीबाग जिला से लगभग 700 रिजल्ट हैं. यह गंभीर मामला है. इसकी जांच होनी चाहिए, साथ ही हमलोग दावे के साथ कह सकते हैं कि लोहरदगा और साहेबगंज जिला में लगातार क्रमवार पास करने वाले अभ्यार्थियों का ओएमआर सीट जेपीएससी से गुम हो गया है. इसीलिए सभी छात्रों का बिना कॉपी जांच किए ही सबको पास कर दिया गया है. यही वजह है कि झारखंड गजट कंडिका 30 में वेबसाइट में OMR अपलोड करने का नियम स्पष्ट उल्लेख के बावजूद परीक्षाफल के 33 दिन बीतने के बावजूद आयोग ने OMR शीट अपलोड करने में असक्षम है.
ज्यादा अंक मिलने का खेल
आदिम जनजाति का एक अभ्यर्थी 224 अंक लाकर फैल है. जबकि कट ऑफ 220 गया है, इससे पूर्व आयोग को सौंपा गया ओबीसी वर्ग वन का कट ऑफ 252 अंक गया है. फिर भी कैसे 230 अंक वाला पास किया है, इसका जवाब आजतक आयोग नहीं दे पाया है. जबकि हर कैटेगरी के अनेक छात्र हैं जो कट ऑफ से ज्यादा अंक लाकर फेल हैं. जेपीएससी इसका भी जवाब देने में असमर्थ है. सुदूर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में परीक्षा सेंटर होने के कारण पर्यवेक्षक अपना परिचय होने के कुछ मदद के वजह से 2,3 की श्रृंखला में लगभग 242 अभ्यर्थी विभिन्न परीक्षा केंद्रों में क्रमवार पास हुए हैं. इस तरह का अनेक गड़बड़ी और सैटिंग गेटिंग का ही परिणाम है कि छठी जेपीएससी से सातवीं जेपीएससी का कट ऑफ में 54 अंक का उछाल हुआ है. जेपीएससी अपनी गलती छुपाने के लिए रिजेक्शन लिस्ट और आदिम जनजाति कोटा, स्पोर्ट्स कोटा और दिव्यांग कोटा में किसका रिजल्ट जारी नहीं कर रहा है, झारखंड सरकार नियुक्ति नियमावली गजट 17.2 में सिंगल कट ऑफ का स्पष्ट उल्लेख है फिर भी उसका पालन नहीं किया गया है.
मुख्य परीक्षा की तिथि घोषित
मौके पर उन्होंने यह कहा कि बहुत ज्यादा गड़बड़ी की गई है. इसके बावजूद आयोग जांच करके परीक्षा रद्द करने के बजाय मुख्य परीक्षा की तिथि 28 से 30 जनवरी को घोषित की गई है. इसीलिए आंदोलन का स्वरूप बदलते हुए माननीय मुख्यमंत्री और महामहिम राज्यपाल महोदय का ध्यान आकृष्ट करने और छात्रहित में गड़बड़ी का जांच कराकर इस परीक्षा को रद्द करके तुरंत फिर से निष्पक्ष पारदर्शिता और नियमावली के तहत परीक्षा आयोजित कराने की मांग को लेकर आगामी 7 दिसंबर को पूरे झारखंड के छात्रों का महाजुटान होगा.
