☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

सोनिया गांधी को पत्र लिख धनबाद के पूर्व सांसद ने दिग्विजय सिंह पर उठाए सवाल 

सोनिया गांधी को पत्र लिख धनबाद के पूर्व सांसद ने दिग्विजय सिंह पर उठाए सवाल 

धनबाद (DHANBAD) -  इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन यानी इंटक. आजादी से कुछ दिनों पहले का बना मजदूर यूनियन. इसका गठन 3 मई 1947 को हुआ था. एक से एक दिग्गज और धुरंधर इसके अध्यक्ष रह चुके हैं. हाल के कुछ वर्षों की बात की जाए तो बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री पंडित बिंदेश्वरी दुबे, गोपाल रामानुजम इसके अध्यक्ष रह चुके हैं. एक समय था कि इंटक की तूती बोलती थी. इंटक ने जो कह दिया वही नियम है और वही कानून है. लेकिन समय के थपेड़ों ने आज इसे इतना कमजोर कर दिया है कि जेबीसीसीआई से भी इंटक को नमस्ते कह दिया गया. 

2001 से चल रहा विवाद 

बता दें कि 2001 में ददई दुबे और संजीव रेड्डी के बीच जो विवाद शुरू हुआ, वह अभी तक जारी है. कई बार ऐसा लगा कि विवाद सुलझ जाएगा लेकिन सुलझा नहीं. ताजा मामला यह हुआ है कि पूर्व सांसद और और इंटक के ददई दुबे गुट के अध्यक्ष पूर्व सांसद चंद्रशेखर उर्फ़ ददई दुबे ने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मलिकार्जुन खड़के को पत्र लिखकर सवाल खड़ा कर दिया है. दुबे ने दिग्विजय सिंह पर सवाल खड़ा किया है. 

सोनिया गांधी द्वारा गठित कमिटी 

बता दें कि इंटक के विवाद को सुलझाने के लिए कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता खड़के के नेतृत्व में 2 सदस्य कमेटी का गठन किया था. दूसरे सदस्य राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह हैं. दुबे ने अपने पत्र में लिखा है कि इंटक के 27 में अधिवेशन में रेड्डी ने कांग्रेस को अवसरवादी कहा था. जब उन्होंने इसका विरोध किया तो विवाद शुरू हुआ. पत्र में लिखा है कि धनबाद से सांसद बनने के बाद विवाद समाप्त कराने के लिए मैं प्रणव मुखर्जी से भी मिला.

ददई दुबे का कहना

विवाद खत्म करने को इच्छुक नहीं थे. वह मेरे खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट गए, जहां उन्हें कोई राहत नहीं मिली. आपने कमेटी बनाई, कमेटी ने करीब 5 घंटे तक दोनों गुटों की बात सुनी, कागजात लिए. कमेटी ने निर्देश दिया कि जब तक कोई फैसला नहीं होता, तब तक ना कोई कार्यक्रम करेगा और नहीं बयान बाजी करेगा. वहीं 20 नवंबर 21 को रेड्डी गुट ने कार्यसमिति की बैठक की.  इसमें दिग्विजय सिंह न केवल शामिल हुए बल्कि अपने भाषण में कहा कि दोनों गुटों की बात सुनी, कागजात की जांच कर रहे है. इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर हाईकमान को सौंप दिया जाएगा और बहुत जल्द ही विवाद सुलझ जाएगा. ददई दुबे ने सवाल उठाया है कि जो आदमी पंच की कुर्सी पर बैठा है और विरोधी गुट के कार्यक्रम में शामिल होता है. उस पर कैसे विश्वास किया जाए.

रिपोर्ट : सत्यभूषण सिंह, धनबाद

Published at:03 Dec 2021 01:32 PM (IST)
Tags:News
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.