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अच्छी पहल : मशरूम से सुधर रही महिला किसानों के बटुए की सेहत

अच्छी पहल :  मशरूम से सुधर रही महिला किसानों के बटुए की सेहत

देवघर (DEOGHAR) : जिला प्रशासन सुदूर गांव की महिला किसानों को अब आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से मशरूम उत्पादन के लिए प्रशिक्षित कर प्रोत्साहित कर रहा है. सुदूर लकड़ा गांव की बड़ी संख्या में महिला किसान इससे जुड़ कर अपनी आजीविका चलाना चाहती है.

शुरुआत में 2 से 3 क्विंटल मशरूम का उत्पादन 

यूं तो ग्रामीण क्षेत्र की महिला किसान पारंपरिक खेती ही अब तक करती आ रही हैं, लेकिन अब इन महिला किसानों को जिला प्रशासन वैकल्पिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. कम से कम पूंजी लगा कर पारंपरिक खेती के अलावा अपनी आय बढ़ाने और इसे अपनी आय का एक स्थायी साधन के रुप में विकसित करने के उद्देश्य से अब महिला किसानों को मशरुम की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.  शुरुआत में लकरा गांव की बड़ी संख्या में महिला किसानों को इससे जोड़ कर मशरुम उत्पादन करने के लिए प्रशिक्षित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिला प्रशासन सहयोग कर रहा है. खुद जिला के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री लकरा गांव पहुँच कर महिला किसानों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. गांव गांव घूम घूम कर उपायुक्त महिला किसानों को इसकी खेती करने के लिए हौसला बढ़ा रहे हैं. उपायुक्त के अनुसार फिलहाल एक माह में शुरुआत में 2 से 3 क्विंटल मशरूम का उत्पादन होगा जिसे स्थनीय बाजार में आसानी से बेचा जा सकता है. आने वाले समय मे इन महिलाओं को सलाना खेती इसका कराने की योजना है. साथ ही गांव का भ्रमण कर शौचालय का उपयोग करने की अपील भी उपायुक्त द्वारा की जा रही है. शुरुआत में छोटे पैमाने पर ही सही महिला किसानों में मशरुम उत्पादन को लेकर काफी उत्साह है।महिला किसान गुड़िया देवी और सावित्री देवी कहती हैं कि इससे आत्मनिर्भर बन घर परिवार चला सकती हैं.

 बहरहाल, परंपरागत खेती के अलावे किसानों को कृषि आधारित अन्य रोजगार से जोड़ कर उनकी आय दोगुनी करने के सरकार के संकल्प के अनुरुप यह एक सराहनीय पहल कही जा सकती है. लेकिन किसानों को उनकी उपज के लिए स्थाई बाजार उपलब्ध करा कर इसे आय का और भी सशक्त माध्यम बनाया जा सकता है ताकि झारखंड जैसे राज्य में पलायन पर पूर्णत: रोक लगे.

Published at:01 Dec 2021 03:33 PM (IST)
Tags:News
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