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किसान बिल वापसी के बाद मजदूर विरोधी बिल (4 लेबर कोड) वापस लेने के लिए केंद्र सरकार को किया जाएगा बाध्य

किसान बिल वापसी के बाद मजदूर विरोधी बिल (4 लेबर कोड) वापस लेने के लिए केंद्र सरकार को किया जाएगा बाध्य

धनबाद (DHANBAD) : नई दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर मैं राष्ट्रीय इंटक की 305 की कार्यकारिणी की बैठक हुई. बैठक में बतौर मुख्य अतिथि एआईसीसी के जनरल सेक्रेटरी मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जी उपस्थित हुए. बैठक की अध्यक्षता इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व राज्यसभा सांसद डॉक्टर जी संजीवा रेड्डी ने की. बैठक में किसान बिल को वापस लिए जाने पर विस्तारपूर्वक चर्चा की. साथ ही साथ कांग्रेस और इंटक के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करने पर विस्तार पूर्वक चर्चा हुई.

बैठक में इंटक राष्ट्रीय अध्यक्ष डाक्टर जी संजीव रेड्डी, महामंत्री संजय सिंह और झारखंड धनबाद सहित देश के हर प्रदेश से हजारों की संख्या में वरिष्ठ इंटक नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए. कार्यक्रम की अगुवाई यूथ इंटक द्वारा संचालित किया गया.

कार्यक्रम में नवनियुक्त राष्ट्रीय महामंत्री संजय सिंह का जोरदार स्वागत हुआ

राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रेड्डी जी ने सभी का स्वागत करते हुए सरकार द्वारा किसान कानून वापिस लिए जाने पर किसान भाइयों और यूनियनों को बधाई दिया. साथ ही हर प्रदेश को इंटक को मज़बूत करने पर जोड़ दिया और सफल कार्यकर्म के लिए यूथ इंटक राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संजय गाबा जी और उनकी सम्पूर्ण टीम को बधाई दी. डॉ संजीव रेड्डी ने कहा की जिस तरह से भाजपा की केंद्र सरकार ने किसान आंदोलन वजह से किसान विरोधी बिल को वापस लिया है. ठीक उसी तरह से आने वाले दिनों में सरकार को मजदूर विरोधी बिल चार लेबर कोड वापस लेने के लिए बाध्य किया जाएगा. मौके पर झारखंड इंटक के अध्यक्ष राकेश्वर पांडे ने डॉ संजीवा रेड्डी के करिश्माई नेतृत्व के प्रति आभार जताते हुए झारखंड के 980 यूनियनों के निबंधन रद्द होने का मामला उठाया. श्री पांडे ने कहा कि बिहार सरकार में पंजीकृत झारखंड के 980 यूनियनों का निबंधन बिहार सरकार ने रद्द कर दिया. जिसके निबंधन वापसी के लिए 2015 से झारखंड इंटक प्रयास कर रही है. इसके लिए राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी पिछले दिनों मिल गई मिलकर यूनियनों का निबंधन पुनः बहाल करने की मांग की गई. परंतु अब तक यह नहीं हो पाया है. उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष से इस मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर इसे अविलंब सुलझाने की मांग की.

रिपोर्ट: अभिषेक कुमार सिंह, ब्युरो हेड(धनबाद)

Published at:20 Nov 2021 06:46 PM (IST)
Tags:News
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