गिरिडीह (GIRIDIH) - गिरिडीह जिले के पिपराडीह गांव के रहने वाले 2 प्रवासी मजदूरों की काम करने के दौरान तिरुपति में मौत हो गई. दोनों मजदूर ढाई महीना पहले ट्रांसमिशन लाइन में काम करने तिरुपति गए थे. दोनों लक्ष्मी ट्रांसको कंपनी ने बतौर फिटर काम करते थे. बता दें कि 12 नवंबर की दोपहर दोनों 4000 केवीए तार को फिटिंग कर रहे थे . इसी दौरान दोनों मजदूर 11000 वोल्ट के तार के संपर्क में आ गए जिसके कारण दोनों मजदूरों की मौत कार्यस्थल में ही हो गई. हालांकि इस घटना को देख साथी मजदूर उस ओर दौड़े जाएं यह दोनों काम कर रहे थे. जिसके बाद साथी मजदूरों द्वारा दोनों मजदूरों को अस्पताल लाया गया, लेकिन चिकित्सकों द्वारा दोनों को मृत घोषित कर दिया गया. चिकित्सकों ने बताया कि दोनों की मौत पहले ही हो चुकी है.
कम्पनी ने मृतकों के परिजन दी घटना की सूचना
दोनों मृतक डुमरी प्रखंड के परसाबेड़ा पंचायत के पिपराडीह गांव के ही निवासी हैं. मृतकों में भुनेश्वर महतो पिता बुधन महतो और दूसरा गहन मांझी पिता केलू मांझी है. घटना की सूचना मृतकों के परिजनों को कंपनी द्वारा 13 नवम्बर को दिया गया है. बताया जाता है कि तिरुपति में कागजी प्रक्रिया करने के पश्चात दोनों मजदूरों का शव कंपनी द्वारा भेजा जा रहा है. संभावना जताया जा रहा है कि सोमवार(15 नवम्बर) सुबह तक दोनों मजदूरों का शव उसके पैतृक गांव पिपराडीह पहुंच जाएगा.
दोनों मजदूरों के परिवार पर टुटा दुखों का पहाड़
जानकारी के अनुसार भुनेश्वर महतो अपने घर का एक ही कमाउ व्यक्ति था. जिसकी मौत की सूचना से उनके परिजनों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा. इनके पत्नी सहित चार बच्चे हैं. इनके मौत के बाद इनके उनके आश्रितों का रो रो कर बुरा हाल है. वहीं दूसरा मजदूर गहन मांझी के पत्नी सहित बूढ़ी मां और दो बच्चे हैं. यह भी अपने परिवार की एक ही कम कमाऊ व्यक्ति था. इनके मौत से इनके भी परिवार में दुखों का पहाड़ टूट गया है.
कम्पनी से मुआवजे की मांग
इधर कंपनी द्वारा मृतकों के परिजनों को क्या मुआवजा मिलेगा यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है. जिसके कारण कंपनी के प्रति स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में गुस्सा व्याप्त है. अब देखना होगा कि सोमवार के सुबह जब दोनों मृतकों का शव गांव पहुंचेगा तो कंपनी द्वारा दोनों मृतकों के आश्रितों को कंपनी द्वारा क्या मुआवजा दिया जाएगा.
रिपोर्ट : दिनेश कुमार, गिरिडीह
