दुमका(DUMKA): देशभर में वृद्धा पेंशन की शुरुआत ये सोच कर की गई थी कि वृद्ध लोगों को उनकी वृद्धावस्था में किसी के भरोसे ना रहना पड़े. लेकिन कुछ अधिकारी के कारण गरीब लोग इसका भी लाभ नहीं उठाया पाते. ऐसा ही कुछ माजरा है, जिले के जरमुंडी प्रखंड के बनवारा गांव का. यहां के कई वृद्ध ग्रामीण वृद्धा पेंशन के लिए दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर हैं. लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है. वे कई बार अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर भी काट चुके हैं. मगर, इनकी गुहार किसी ने नहीं सुनी. वृद्ध महिलाओं और पुरुषों का कहना हैं कि अब तो दो वक्त की रोटी जुगाड़ करना भी उनके लिए मुश्किल भरा हो गया है. उन्होंने बताया कि उनकी आखिरी उम्मीद उनके विधायक जी थे, मगर वो भी सुध लेने नहीं आते.
रिपोर्ट: सुतिब्रो गोस्वामी, जरमुंडी(दुमका)