टीएनपी डेस्क(TNP DESK): दुनिया भर में बढ़ते ईंधन संकट और आर्थिक दबाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक फैसला लिया है अक्सर बड़े नेता जनता को बचत और सादगी का संदेश देते नजर आते हैं, लेकिन खुद उस रास्ते पर कम ही चलते हैं. मगर इस बार पीएम मोदी ने सिर्फ अपील नहीं की, बल्कि खुद उदाहरण भी पेश कर दिया. ईंधन बचाने की मुहिम को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या आधी करने का निर्देश दे दिया है. इतना ही नहीं, अब प्रधानमंत्री के काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों को भी प्राथमिकता दी जाएगी. पीएम का यह कदम सिर्फ सरकारी फैसले तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे देश को सादगी, बचत और पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश देने वाली पहल के तौर पर देखा जा रहा है.
दरअसल, हाल ही में हैदराबाद दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से संसाधनों के समझदारी से इस्तेमाल की अपील की थी. उन्होंने लोगों से ईंधन की खपत कम करने, अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने और गैरजरूरी खर्चों में कटौती करने की सलाह दी थी. साथ ही सोने की खरीदारी जैसे खर्चों को सीमित रखने का भी अनुरोध किया था, ताकि देश आर्थिक दबाव के इस दौर में मजबूत स्थिति बनाए रख सके.
अब प्रधानमंत्री ने अपने उसी संदेश को व्यवहार में उतारते हुए बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने विशेष सुरक्षा समूह (SPG) को निर्देश दिया है कि उनके काफिले में शामिल वाहनों की संख्या को लगभग आधा कर दिया जाए. इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को भी बढ़ावा देने को कहा गया है. यह कदम केवल ईंधन बचत तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा दक्षता की दिशा में भी अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है.
प्रधानमंत्री के निर्देश मिलते ही एसपीजी ने नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. सुरक्षा एजेंसियां अब ऐसी व्यवस्था तैयार कर रही हैं, जिसमें काफिले का आकार छोटा होने के बावजूद प्रधानमंत्री की सुरक्षा में किसी भी तरह की कमी न आए. सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल का पालन करते हुए नई योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है.
हाल के दिनों में प्रधानमंत्री मोदी के दिल्ली से बाहर होने वाले दौरों में भी उनके काफिले का आकार पहले की तुलना में छोटा दिखाई दिया है. माना जा रहा है कि आने वाले समय में केंद्र सरकार के अन्य मंत्री और वरिष्ठ नेता भी इस पहल को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं.