टीएनपी डेस्क (TNP DESK): पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल एक बार फिर गरमा गया है. मतदान खत्म होने के बाद उठे EVM से जुड़े गंभीर आरोपों के चलते दक्षिण 24 परगना जिले की दो विधानसभा सीटों डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम के कुछ बूथों पर दोबारा मतदान कराया जा रहा है. इन घटनाओं ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है, जबकि चुनाव आयोग ने मामले में सख्त कदम उठाते हुए री-पोलिंग का आदेश दिया है.
2 मई यानी आज को इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों के कुल 15 मतदान केंद्रों पर फिर से मतदान कराया जा रहा है. यह कदम भारतीय जनता पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद उठाया गया है. बीजेपी ने दावा किया था कि कुछ बूथों पर ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की गई, जिससे मतदान की निष्पक्षता प्रभावित हुई.
सबसे गंभीर आरोप फलता इलाके के एक मतदान केंद्र से जुड़ा है, जहां यह दावा किया गया कि ईवीएम मशीन पर लगे बीजेपी के चुनाव चिन्ह वाले बटन को टेप लगाकर ढक दिया गया था. इस वजह से मतदाताओं को बीजेपी के पक्ष में वोट डालने में कठिनाई हो सकती थी. इस घटना से जुड़े कुछ फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुए, जिससे विवाद और बढ़ गया.
घटना सामने आने के बाद कई राजनीतिक दलों और मतदाताओं ने चुनाव आयोग से शिकायत दर्ज कराई. शिकायतों में ईवीएम से छेड़छाड़, बूथ कैप्चरिंग और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे. इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने जांच की और स्थिति को गंभीर मानते हुए कार्रवाई की.
इसके बाद आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 58(2) के तहत इन 15 मतदान केंद्रों पर हुए मतदान को रद्द कर दिया. आयोग ने यह स्पष्ट किया कि जहां मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह उत्पन्न हो, वहां दोबारा चुनाव कराना आवश्यक है.इन बूथों पर मतदान 29 अप्रैल को, यानी दूसरे चरण में संपन्न हुआ था. लेकिन शिकायतों और जांच के बाद अब यहां दोबारा मतदान कराया जा रहा है, ताकि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे. अब सभी की नजर अब इन बूथों के नतीजों पर टिकी हुई है।