रामगढ़ : वन प्रमंडल के गोला वन क्षेत्र के चोपादारू के पार जारा में नर हाथी की मौत से सनसनी फैल गई है. हाथी की मौत संक्रामक बीमारी एंथ्रेसेक से होने की संभावना डॉक्टरों द्वारा जताई जा रही है। सात सदस्यीय चिकित्सकों की टीम ने हाथी का पोस्टमार्टम किया, डॉक्टरों की टीम ने बताया कि किसी तरह का इंजुरी नही है. कुछ ब्लड जमीन पर गिरा है. सैंपल (स्लाइड)को जांच के लिए फोरेंसिक लैब रांची भेजा जा रहा है.
दोनों दांत सुरक्षित रखा गया
इधर वन विभाग की टीम ने नर हाथी के दोनों दांत को काटकर सुरक्षित रख लिया है. हाथी की उम्र 25 से 30 वर्ष बताई जा रही है. इसका दूसरा साथी भी पास के जंगलों में ही मौजूद है. गोला के वन क्षेत्र पदाधिकारी ने बताया कि दूसरे हाथी की तलाश की जा रही है. वन विभाग की QRT की तैनाती कर दी जा रही है. हाथी को पारा जारा में ही दफनाने के लिए जेसीबी मशीन से बड़ा सा गड्ढा कर लिया गया है. लगातार माइकिंग करके भीड़ को आने से रोका जा रहा है. चिकित्सकों ने बताया कि हाथी के पास आने से संक्रमण की संभावना है. ऐसे में लोग हाथी से दूर रहे.
वन क्षेत्र पदाधिकारी ने बताया कि एक गंभीर विषय हैं. सुबह 600 बजे उन्हें सूचना मिली कि एक हाथी चौपड़ दारू के पास पार जारा में खेत में मरा पड़ा है। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई.
