देवघर (DEOGHAR) : चितरा कोलियरी परिसर में झारखंड आंदोलनकारी मजदूर नेता शहीद श्याम सुंदर सिंह की 32 वीं पुण्यतिथि मनाई गई. कोलियरी परिसर स्थित इनकी प्रतिमा के समीप मजदूर संघ के नेता, स्थानीय लोग, कोलियरी के पदाधिकारी और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष मौजूद थे. उपस्थित लोगों द्वारा उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया फिर शहीद स्थल पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई.
मौके पर बोलते हुए झारखंड के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शशांक शेखर भोक्ता ने कहा कि शहीद श्याम सुंदर सिंह जब तक जीवित रहे कभी भी बाहरी असामाजिक तत्वों को चितरा कोलियरी के आसपास भटकने नही दिया. इनके ही कारण यह कोलियरी दिन रात बिना किसी भय के बढ़ती गई. बाहरियों का वर्चस्व नही कायम होने से उनकी हत्या एक साजिश के तहत कर दी गई.
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि झारखंड को अलग राज्य बनाने के लिए आंदोलन किया जा रहा था और मजदूरों की लड़ाई लड़ने और उनके शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद किया जा रहा था तभी आज ही के दिन 10 जनवरी 1994 को बाहरी लोगों द्वारा सुनियोजित तरीके से योजना बनाकर श्याम सुंदर सिंह को कोलियरी परिसर में ही मौत के घाट उतार दिया गया था.
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने फिर से चितरा कोलियरी में बाहरी लोगों का वर्चस्व के कारण कोलियरी के अस्तित्व पर संकट को देखते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में श्याम सुंदर सिंह जैसा नेता की जरूरत है. 32वीं शहीद दिवस के अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने शहीद श्याम सुंदर सिंह को नमन किया.
