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धनबाद में SIR में स्टाफ बढ़ाने से लेकर मुस्लिम सेफ्टी एक्ट तक उठी मांग, एदार-ए-शरिया का सरकार को संदेश

BY -
Rajnish Sinha
Rajnish Sinha
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 19, 2026, 7:27:48 AM

धनबाद  : एदार ए शरीया तहरीके बेदारी संस्था के रांची समेत अन्य जिलों के प्रतिनिधियों ने एसआईआर को लेकर लोगों को जागरूक करने की बात कही है. साथ ही एसआईआर में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग की है. ताकि कार्य बेहतर तरीके से हो और किसी का नाम वोटर लिस्ट से ना कटे. मदरसों में आलिम और फाजिल की सर्टिफिकेट रद्द किए जाने पर लाखों बच्चों की भविष्य अंधकार में चले जाने की बात कही है. अरबी और फारसी को किसी यूनिवर्सिटी से टैग कर सर्टिफिकेट को मान्यता देने की मांग की है.

दारुल कजा फार्स्ट ट्रैक कोर्ट का एक भाग

झारखंड के नाज़िम-ए-आला मौलाना मुहम्मद कुतुबुद्दीन रिज़वी ने कहा कि दारुल कजा फार्स्ट ट्रैक कोर्ट का एक भाग है. अदालतों के बोझ को यह कम करता है जिसमें दोनों पक्षों को बुलाकर फैसला कर दिया जाता है.  ना कोर्ट दौड़ने का चक्कर और ना ही किसी तरह का खर्च ही होता है. धनबाद में भी एदारी सरिया तहरीके बेदारी का अधिवेशन होने जा रहा है . अधिवेशन में कई एजेंडे शामिल हैं. आज पूरे देश में लोगों के दिलों में नफरत पैदा हो रही है. आपसी समरसता का माहौल बनाना चाहता है. मुस्लिम सेफ्टी एक्ट की जरूरत अब देश में जरूरत है. केंद्र सरकार से मुस्लिम सेफ्टी एक्ट की मांग है.

एक्ट बनाने की जरूरत

किसी भी धर्म ने आइडियोलॉजी के खिलाफ कोई भी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कोई ना करे. ऐसा करने से जज्बात भड़क उठते हैं माहौल बिगड़ता है. इस पर भी एक्ट बनाने की जरूरत है. झारखंड बने आज 26 साल हो चुके हैं लेकिन आजतक उर्दू एकेडमी मदरसा बोर्ड नहीं बना है हज कमिटी भी नहीं है.

उन छात्रों का भविष्य अंधकारमय ना हो

झारखंड कौंसिल से मदरसों में बच्चे आलिम और फाजिल करते हैं, उनके सर्टिफिकेट को अनवेलिड कर दिया गया. ऐसे लाखों बच्चे आखिर कहां जाएंगे. हमारी मांग है कि अरबी फारसी यूनिवर्सिटी बनाकर किसी भी यूनिवर्सिटी से लगा दिया जाए ताकि उन छात्रों का भविष्य अंधकारमय ना हो.

 

ऐसे बच्चों की बहाली रुक गई है

उन्होंने बताया कि आलिम और फाजली एक हायर एजुकेशन है. आलिम बीए के बराबर है जबकि फाजिल एमए के बराबर है. ऐसे बच्चों की अभी बहाली रुक गई है. किसी यूनिवर्सिटी से टैग होने के बाद इनका भविष्य उज्वल हो जायेगा. एसआईआर पर उन्होंने कहा कि लोग जागरूक नहीं हैं. लोगों दस्तावजे तैयार रखने की जरूरत है. कोई भी निकालने वाला नहीं है लेकिन अपने दस्तावेज सही रखिए.

मैन पावर बढ़ाने की जरूरत

उन्होंने कहा कि एक बीएलओ को अगर 20 हजार की आबादी पर काम के लिए लगा दिया जाए तो वह काम सही ढंग से नहीं कर सकेगा. एसआईआर में मेन पावर बढ़ाने की जरूरत है. फोरम नंबर सात को भरने की जरूरत नहीं है. यह नाम कटवाने और दूसरे जगह जुड़वाने के लिए है. इसके लिए लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है.

वहीं गुलाम मोहम्मद अशरफी ने कहा कि झारखंड में फरवरी माह से एसआईआर की शुरुआत होगी. लोगों से अपील है कि कोई भी चुक ना करें ताकि वोटर लिस्ट से उनका नाम कट जाए. उन्होंने कहा कि शिविर लगाकर लोगों को जागरूक करने का काम किया जाएगा.

वासेपुर के एक मदरसा में एदार ए शरीया की एक बैठक हुई. जिसमें संगठन का अगला अधिवेशन धनबाद में करने का निर्णय लिया गया है. अधिवेशन के दौरान जो मुख्य एजेंडे होंगे उसकी प्रतिनिधियों ने  बातचीत के दौरान कही है.

रिपोर्ट : नीरज कुमार

 

 

 

Tags:DHANBADADAR A SHARIASIRJAGRUK

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