रांची (RANCHI): झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विपक्ष की भूमिका को लेकर सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है. सदन में अक्सर हर छोटे-बड़े मुद्दे पर सरकार को घेरने वाली भाजपा इस बार अपेक्षाकृत शांत और कमजोर नजर आ रही है. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या राज्य की राजनीति में कोई बड़ा ‘खेला’ होने वाला है या फिर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रणनीतिक तरीके से विपक्ष के मुद्दों को खत्म कर दिया है, जिससे भाजपा फिलहाल मुद्दाविहीन दिखाई दे रही है.
इन सवालों को लेकर भाजपा विधायक सीपी सिंह से जब प्रतिक्रिया ली गई तो उन्होंने कहा कि विपक्ष न तो कमजोर है और न ही कोई खेला होने वाला है. उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है. अभी सरकार को थोड़ा समय दिया जा रहा है, लेकिन समय आने पर जनता खुद इस सरकार को उखाड़ फेंकेगी.
वहीं विधायक स्वेता सिंह ने कहा कि झारखंड में विपक्ष के पास फिलहाल कोई ठोस मुद्दा नहीं है. यही कारण है कि वह सदन में प्रभावी ढंग से अपनी बात नहीं रख पा रहा है. उनका कहना था कि विपक्ष की चुप्पी उसकी कमजोरी को दर्शाती है.
दूसरी ओर मंत्री हाफिजुल हसन ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास अब कोई सवाल नहीं बचा है. उन्होंने कहा कि बजट सत्र से पहले विपक्ष यह सवाल उठा रहा था कि ‘मंईयां’ योजना बंद हो जाएगी, लेकिन सरकार ने बजट में इसके लिए प्रावधान कर उनके आरोपों का जवाब दे दिया. उन्होंने कहा कि सरकार मजबूती से काम कर रही है और राज्य में किसी तरह के राजनीतिक खेल की कोई संभावना नहीं है.
रिपोर्ट: समीर हुसैन
